उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) हाल ही में बिजनेस डेवलपमेंट एवं उद्योग प्रोत्साहन से जुड़े एक प्रमुख बिजनेस एसोसिएशन ग्रुप के साथ मेडिकल पार्टनर के रूप में जुड़ा, जहां आयोजित हेल्थ अवेयरनेस सेशन में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न गंभीर बीमारियों एवं उनके आधुनिक उपचार पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम का उद्देश्य बिजनेस कम्युनिटी एवं उद्यमियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
जीएमसीएच के मार्केटिंग हेड कल्पेश चंद रजबर ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है। किसी भी व्यवसाय की शुरुआत और उसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए अच्छा स्वास्थ्य सबसे पहली आवश्यकता है। यदि व्यक्ति स्वस्थ रहेगा तभी वह अपने कार्य, व्यवसाय और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा पाएगा।” उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर जांच, सही जानकारी और विशेषज्ञ परामर्श से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
कार्यक्रम के दौरान जीएमसीएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया। डॉ. यमन पाटीदार (डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल ऑन्कोलॉजी) ने कैंसर संबंधी बीमारियों, उनके शुरुआती लक्षण, नियमित जांच एवं समय पर उपचार की आवश्यकता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर कैंसर का सफल उपचार संभव है।
वहीं डॉ. हेमंत जैन (सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग) ने पेट, लीवर एवं पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बदलती लाइफस्टाइल एवं खानपान की आदतों के कारण गैस्ट्रो संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में समय पर चिकित्सकीय परामर्श बेहद आवश्यक है।
साथ ही डॉ. तान्या दीक्षित (इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी विभाग) ने स्ट्रोक, मस्तिष्क एवं नसों से जुड़ी न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों पर जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित उपचार एवं समय रहते पहचान से गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रतिभागियों के स्वास्थ्य संबंधी सवालों के जवाब भी दिए तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित जीवनशैली और समय पर उपचार को बेहतर जीवन का आधार बताया। उपस्थित सदस्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बिजनेस कम्युनिटी में हेल्थ अवेयरनेस बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।