उदयपुर। Geetanjali Medical College & Hospital द्वारा एचआर प्रोफेशनल्स सोसायटी उदयपुर के सहयोग से शहर के एक नामी रिसॉर्ट में “राउंड टेबल एचआर कॉन्क्लेव 2026” के प्रथम संस्करण का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर सहित विभिन्न कॉर्पोरेट, एजुकेशन एवं हेल्थकेयर संस्थानों से 100 से अधिक एचआर हेड्स एवं वरिष्ठ एचआर प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
गीतांजलि ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में एआई एवं टेक्नोलॉजी के साथ ह्यूमन वैल्यूज़ और संवेदनशील नेतृत्व का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवादात्मक एवं नॉलेज-ओरिएंटेड मंच एचआर प्रोफेशनल्स को नई दिशा एवं प्रेरणा प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में डॉ. राजेश्वरी नरेंद्रन, हेड एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, आईआईएम उदयपुर एवं मुनिश वासुदेवा, सीएचआरओ, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड उपस्थित रहे।
वहीं स्पीकर्स एवं पैनलिस्ट्स में ऋषि कपूर, सीईओ, जीएमसीएच उदयपुर, सत्येंद्र गौर, बिजनेस हेड, अडानी रियल्टी एवं पूर्व सीएचआरओ अडानी गैस एवं अडानी विल्मर लिमिटेड, डॉ. राजीव पंड्या, सीएचआरओ, गीतांजलि ग्रुप उदयपुर, डॉ. एन.के. शर्मा, चेयरमैन, क्यूसीएफआई एवं पूर्व हेड एचआर, JK Tyre & Industries, डॉ. हरप्रीत सिंह, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जीएमसीएच उदयपुर, डॉ. आशीष शर्मा, प्रोफेसर एवं हेड, बायोकेमिस्ट्री विभाग, जीएमसीएच उदयपुर तथा बतूल हबीब, पीपल पार्टनर, धरोहर सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के एचआर एक्सपर्ट्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मॉडरेटर्स के रूप में डॉ. महिमा बिरला, डायरेक्टर आईक्यूएसी, नारायणा बिजनेस स्कूल एवं डॉ. अरविंद एस. पेमावत, ग्रुप हेड – करियर डेवलपमेंट, गीतांजलि ग्रुप ने चर्चा का संचालन किया। कार्यक्रम में गीतांजलि की ओर से कल्पेश चंद रजबार, हेड मार्केटिंग एवं विवेक मिश्रा, कॉर्पोरेट मैनेजर की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में “एचआर बियॉन्ड टेक्नोलॉजी एंड एआई” तथा “एचआर ऐज़ ए स्ट्रेटेजिक बिजनेस पार्टनर” विषयों पर विशेष पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एआई एवं ऑटोमेशन को एचआर के प्रतिस्पर्धी के रूप में नहीं बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। एक्सपर्ट्स ने कहा कि एआई वर्कप्लेस पर रिपिटेटिव टास्क्स एवं ऑपरेशनल प्रेशर को कम कर सकता है, जिससे एचआर प्रोफेशनल्स एम्प्लॉई डेवलपमेंट, वर्कप्लेस कल्चर, लीडरशिप बिल्डिंग एवं ह्यूमन रिलेशनशिप्स पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आने वाले समय में वही ऑर्गेनाइजेशंस अधिक सफल होंगी जो टेक्नोलॉजी एवं ह्यूमन टच के बीच बेहतर अलाइनमेंट स्थापित कर पाएंगी। एआई कार्य की स्पीड एवं एफिशिएंसी बढ़ा सकता है, लेकिन एम्प्लॉई ट्रस्ट, इमोशनल कनेक्शन एवं पॉजिटिव वर्क कल्चर का निर्माण केवल ह्यूमन लीडरशिप एवं सेंसिटिव एचआर अप्रोच द्वारा ही संभव है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीएमसीएच उदयपुर के सीईओ ऋषि कपूर ने कहा कि यह केवल एक इनिशिएटिव नहीं बल्कि ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां विभिन्न क्षेत्रों के एचआर प्रोफेशनल्स एक साथ आकर अपने अनुभव, विचार एवं नॉलेज का एक्सचेंज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एचआर की भूमिका केवल हायरिंग एवं एडमिनिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि एचआर अब ऑर्गेनाइजेशंस की स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन, वर्कप्लेस कल्चर एवं ऑर्गेनाइजेशनल ग्रोथ का महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह ने “गीतांजलि इन न्यू एरा” विषय पर अपने विचार रखते हुए संस्थान की लेगेसी, मॉडर्न हेल्थकेयर सर्विसेज एवं फ्यूचर विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गीतांजलि हॉस्पिटल निरंतर नई टेक्नोलॉजी, बेहतर हेल्थकेयर फैसिलिटीज एवं स्ट्रॉन्ग वर्क कल्चर के साथ आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में भी ह्यूमन-सेंट्रिक सर्विसेज को प्राथमिकता देता रहेगा।
इसके पश्चात डॉ. आशीष शर्मा, प्रोफेसर एवं हेड, बायोकेमिस्ट्री विभाग, जीएमसीएच उदयपुर ने अपने संबोधन में गीतांजलि की अत्याधुनिक एवं वेल-इक्विप्ड लैब सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संस्थान में गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने विभिन्न आधुनिक इन्वेस्टिगेशन सुविधाओं एवं बेहतर डायग्नोस्टिक सेवाओं के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी साझा की।
डॉ. राजेश्वरी नरेंद्रन ने अपने प्रैक्टिकल एवं इम्पैक्टफुल विचार रखते हुए कहा कि एचआर को केवल पॉलिसी मेकिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे “चैंपियन ऑफ कॉज़” की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑर्गेनाइजेशन में ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच एवं रेवेन्यू-सेंट्रिक ग्रोथ के बीच बैलेंस बनाना अत्यंत आवश्यक है तथा एचआर प्रोफेशनल्स को एम्प्लॉई एवं ऑर्गेनाइजेशन दोनों के हितों को साथ लेकर चलना चाहिए।
क्यूसीएफआई चेयरमैन एवं पूर्व डीजीएम एचआर, JK Tyre & Industries के डॉ. एन.के. शर्मा ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता में एचआर एक रणनीतिक साझेदार की भूमिका निभाता है। उन्होंने समावेशी कार्यसंस्कृति, समान अवसर एवं सकारात्मक कार्य वातावरण को संगठन की दीर्घकालिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित गेस्ट्स एवं एचआर प्रोफेशनल्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए गीतांजलि हॉस्पिटल द्वारा इस प्रकार का सार्थक एवं नॉलेज-ओरिएंटेड प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि विभिन्न सेक्टर्स के एचआर लीडर्स को एक मंच पर लाकर संवाद, नेटवर्किंग एवं विचार-विमर्श का अवसर देना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया तथा अंत में नेटवर्किंग सेशन एवं गाला डिनर का आयोजन भी किया गया।