दो दशकों से अधिक की दोस्ती और भारतीय रंगमंच को कई यादगार प्रस्तुतियाँ देने वाली रचनात्मक साझेदारी के बाद, पावरहाउस महेश मांजरेकर और प्रतिष्ठित थिएटर निर्माता अश्विन गिडवानी एक बार फिर साथ आ रहे हैं - इस बार एक सटीक और बेबाक नए हिंदी नाटक ‘एनिमल’ के साथ। अपने पहले बेहद सफल मंचीय सहयोग ‘डबल डील’ के वर्षों बाद यह जोड़ी एक ऐसे काम के साथ लौट रही है जो और अधिक कच्चा, सधा हुआ और बेचैन कर देने वाला है। ए जी पी वर्ल्ड (AGP World) द्वारा प्रस्तुत ‘एनिमल’ का निर्देशन स्वयं महेश मांजरेकर ने किया है और वे ही इसमें मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इसका प्रीमियर शनिवार, 7 मार्च को मुंबई के टाटा थिएटर, एनसीपीए (NCPA) में होगा।
एक पूर्णतः अभिनेता-केंद्रित प्रस्तुति, ‘एनिमल’ महत्वाकांक्षा की दौड़ में मानव आत्मा के धीमे और अक्सर अदृश्य क्षरण की पड़ताल करता है। इसके केंद्र में है दत्तू, जिसकी भूमिका मांजरेकर निभा रहे हैं - जो महाराष्ट्र के पंढरपुर के पास एक छोटे से कस्बे से मुंबई में शौहरत के सपनों के साथ आता है। जो शुरुआत शहर पर भरोसे और खुद पर विश्वास से होती है, वह धीरे-धीरे जीवित रहने की जंग में बदल जाती है। मंच पर अकेला खड़ा दत्तू शहर से, काल्पनिक दर्शकों से और अपने ही टूटे हुए अंतर्मन से संवाद करता है, जहाँ अभिनय और आत्मस्वीकार एक हो जाते हैं।
करीब नौ वर्षों की चर्चा और तैयारी के बाद ‘एनिमल’ मंच पर आ रहा है। इस प्रस्तुति में मांजरेकर निर्देशक और अभिनेता, दोनों भूमिकाएँ निभा रहे हैं, जो नाटक को एक विशेष संवेदनशीलता देती है। बिना किसी सह-अभिनेता और बिना दृश्य वैभव के, पूरी प्रस्तुति का भार केवल अभिनेता के शरीर, आवाज़ और उपस्थिति पर टिका है। दिलचस्प बात यह है कि ‘एनिमल’ के साथ-साथ मांजरेकर और गिडवानी एक और नाटक ‘लवेबल रास्कल’ पर भी साथ काम कर रहे हैं, जो इस फरवरी में मंचित होने वाला है।
उद्योग में दशकों बिताने और सफलता-असफलता के पूरे चक्र को देखने के बाद, महेश मांजरेकर कहते हैं कि ‘एनिमल’ उनके प्रत्यक्ष अनुभवों से जन्मा है। वे कहते हैं, “दत्तू कोई हीरो नहीं है। वह असाधारण भी नहीं है। वह मिट्टी से जुड़ा एक साधारण युवा है, जो सपनों से भरा सूटकेस और भूख से भरा पेट लेकर मुंबई आता है। मैंने ऐसे हजारों युवाओं को देखा है। कुछ ही सितारे बनते हैं। अधिकतर परछाइयाँ बन जाते हैं।” वे आगे कहते हैं, “मुझे उसकी मासूमियत ने खींचा और यह कि शहर किस तरह धीरे-धीरे उसे छीलता जाता है। दत्तू एक रात में जानवर नहीं बनता। यह चुपचाप होता है - एक समझौता, एक अपमान, एक अस्वीकृति के साथ।”
दरअसल, ‘एनिमल’ में मुंबई स्वयं एक अदृश्य शक्ति के रूप में उपस्थित है। शहर को दृश्य रूप में नहीं दिखाया गया, बल्कि ध्वनि, गति और दबाव के माध्यम से महसूस कराया गया है — एक ऐसी उपस्थिति जो शरण नहीं देती, बल्कि सहनशक्ति की परीक्षा लेती है। इस नाटक में शहर लुभाता नहीं, बल्कि परखता है।
मांजरेकर के शब्दों में, “दत्तू मुंबई से एक प्रेमी की तरह बात करता है। मुंबई उसे एक न्यायाधीश की तरह जवाब देती है।” अपने दृष्टिकोण पर वे जोड़ते हैं, “मैं मरीन ड्राइव या स्काईलाइन के प्रोजेक्शन नहीं दिखाना चाहता था। मैं चाहता था कि शहर ध्वनि और दबाव के ज़रिए मौजूद रहे - लोकल ट्रेन की घोषणाएँ, ऑडिशन रूम, ‘नेक्स्ट!’ शब्द का सहज उच्चारण, दरवाज़ों का बंद होना। मंच पर हमने खालीपन रचा, क्योंकि शहर अक्सर आपको जगह तो देता है, पर ठिकाना नहीं।”
ए जी पी वर्ल्ड (AGP World) द्वारा निर्मित ‘एनिमल’ इस कंपनी की साहसी और अभिनेता-प्रधान कहानियों को मंचित करने की परंपरा को आगे बढ़ाता है। अश्विन गिडवानी के नेतृत्व में AGP World ने ‘बर्फ़’, ‘देवदास – द म्यूज़िकल’, ‘द सेंट ऑफ अ मैन’ और ‘ब्लेम इट ऑन बॉलीवुड’ जैसी कई सफल और देश-विदेश में प्रदर्शित प्रस्तुतियाँ दी हैं। मांजरेकर के साथ अपनी साझेदारी पर गिडवानी कहते हैं, “महेश मांजरेकर भारतीय रंगमंच के सबसे उत्कृष्ट रचनात्मक दिमागों में से एक हैं - एक निर्देशक, लेखक और अभिनेता, जिनकी प्रतिभा दुर्लभ है। उनके मराठी थिएटर का अनुशासन एक ऐसी कठोरता और प्रामाणिकता लाता है जिसे दोहराया नहीं जा सकता। और पेशेवर संबंध से परे, हमारी दो दशकों पुरानी दोस्ती है। साझा विश्वास और पारस्परिक सम्मान ही हर बार हमारी सफलता का असली राज़ है।”
आगे की योजना पर गिडवानी मुस्कुराते हुए कहते हैं, “दुनिया - सचमुच! ‘एनिमल’ को यात्रा के लिए ही बनाया गया है, एक पोर्टेबल, प्रोडक्शन-फ्रेंडली शो जो विभिन्न मंचों और देशों में सहजता से प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रतिक्रिया पहले से ही असाधारण रही है। हमें दुनिया भर से सात पूछताछ मिल चुकी हैं, और यह तो बस शुरुआत है!”
‘एनिमल’ 7 मार्च 2026 को शाम 7 बजे से टाटा थिएटर, एनसीपीए, नरीमन पॉइंट, मुंबई में देखा जा सकता है। टिकट बुक माय शो पर उपलब्ध हैं।