उदयपुर। महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा रचित 30 से अधिक ग्रंथों में उनकी प्रमुख कृति सत्यार्थ प्रकाश का प्रणयन नवलखा महल में हुआ था। उनकी इसी कर्मस्थली को नवाचारों और विशेष प्रकल्पों के माध्यम से विकसित किया गया है। महर्षि दयानन्द के मानस पुत्र वीर हुतात्माओं की स्मृति में सिलिकॉन प्रतिमाओं से सुसज्जित उच्च कोटि का संग्रहालय एम.डी.एच. के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी द्वारा निर्मित कराया गया है, जिसे ‘राष्ट्र मंदिर’ नाम दिया गया है। इसका लोकार्पण 22 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे किया जाएगा। साथ ही वर्ष में 22–23 दिसंबर 2026 को दो दिवसीय सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव भी आयोजित होगा।
लोकार्पण समारोह एवं महोत्सव में देश-विदेश से हजारों अतिथियों के आने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। आयोजन की तैयारियों को लेकर नवलखा महल सभागार में श्रीमद् दयानन्द सत्यार्थ प्रकाश न्यास के न्यासियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। अतिथियों के ठहरने हेतु उदयपुर के विभिन्न होटलों में व्यवस्था की गई है तथा उनके लिए निःशुल्क भोजन और अल्पाहार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
न्यास के मंत्री श्री भवानीदास आर्य ने बताया कि महाशय राजीव गुलाटी 22 फरवरी को प्रातः 9 बजे निजी विमान से उदयपुर पहुंचेंगे। उनके स्वागत में प्रतापनगर से सेवाश्रम, सूरजपोल होते हुए गुलाब बाग तक 50 मोटरसाइकिल सवारों की भव्य रैली निकाली जाएगी। समारोह में भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तथा देश-विदेश के अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति अपेक्षित है।
न्यास अध्यक्ष श्री अशोक आर्य ने कहा कि यह आयोजन केवल एक भवन के लोकार्पण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महर्षि दयानन्द के राष्ट्र निर्माण के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि समारोह की सुचारू व्यवस्था के लिए आवास, भोजन, साज-सज्जा, मंच, सफाई तथा यज्ञ व्यवस्था सहित विभिन्न समितियों का गठन किया गया है और सभी कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने उदयपुरवासियों से भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने का आह्वान किया।
गुलाब बाग से नवलखा महल तक मार्ग पर विशेष प्रकाश सज्जा, रंग-रोगन और पुष्प सजावट की जा रही है। नवलखा महल का नवीनीकरण कर उसे भव्य और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है।
बैठक में न्यासी श्रीमती शारदा गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री नारायण लाल मित्तल, संयुक्त मंत्री डॉ. अमृतलाल तापड़िया, कार्यालय मंत्री श्री भंवरलाल गर्ग, पुरोहित श्री नवनीत आर्य, लेखाकार श्री दिव्येश सुथार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।