GMCH STORIES

राष्ट्र चेतना का नवदीप: नवलखा महल में “राष्ट्र मंदिर” का भव्य लोकार्पण

( Read 629 Times)

17 Feb 26
Share |
Print This Page

राष्ट्र चेतना का नवदीप: नवलखा महल में “राष्ट्र मंदिर” का भव्य लोकार्पण

उदयपुर।नवलखा महल, गुलाब बाग स्थित सांस्कृतिक केंद्र में इतिहास और राष्ट्रभक्ति का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। 22 एवं 23 फरवरी 2026 को यहां निर्मित “राष्ट्र मंदिर” का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित होगा। इसी क्रम में माता लीलावती सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यास अध्यक्ष अशोक आर्य, मंत्री भवानी दास आर्य, संयुक्त मंत्री अमृत लाल तापड़िया एवं जनसंपर्क सचिव विनोद कुमार राठौड़ उपस्थित रहे।


महर्षि प्रवास से पावन हुआ नवलखा महल

अध्यक्ष अशोक आर्य ने बताया कि 10 अगस्त 1882 को मेवाड़ के महाराणा सज्जन सिंह के आग्रह पर महर्षि दयानंद सरस्वती उदयपुर पधारे और नवलखा महल में लगभग साढ़े छह माह तक निवास किया। इसी ऐतिहासिक प्रवास के दौरान उन्होंने अपने अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश का संपादन एवं प्रणयन पूर्ण किया। इस प्रकार नवलखा महल आध्यात्मिक ऊर्जा और वैदिक चेतना का केंद्र बन गया।

जर्जर भवन से भव्य स्मारक तक

वर्ष 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत द्वारा यह भवन स्मारक निर्माण हेतु आर्य समाज को प्रदान किया गया। उस समय भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में था। संस्थापक अध्यक्ष स्वामी तत्वबोध सरस्वती के समर्पित प्रयासों से पुनरुद्धार प्रारंभ हुआ। आगे चलकर धर्मपाल गुलाटी (एम.डी.एच.) के संरक्षण में लीलावती वैदिक संस्कृति प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हुई, जिससे यह स्थल सांस्कृतिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बना।

राष्ट्र मंदिर: क्रांति की जीवंत गाथा

“राष्ट्र मंदिर” की संकल्पना वैक्स म्यूजियम से आगे बढ़कर सिलिकॉन प्रतिमाओं के माध्यम से 18 स्वतंत्रता सेनानियों को क्रियाशील मुद्रा में प्रस्तुत करने की है। नाट्य-नरेशन शैली में उनके जीवन और बलिदान को सजीव किया गया है, ताकि नई पीढ़ी स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझ सके।

यहां पंचमहायज्ञ विधि, वेद संदेश, संस्कार गीतिका, चलचित्रालय एवं आर्यावर्त आर्ट गैलरी जैसे नवाचार पहले से ही दर्शकों को भारतीय संस्कृति से जोड़ रहे हैं।

“क्रांति” पुस्तक और फीचर फिल्म का लोकार्पण

समारोह में “क्रांति” नामक पुस्तक का विमोचन भी होगा, जिसमें राष्ट्र मंदिर में प्रदर्शित 18 क्रांतिकारियों के जीवन-वृत्त को सरल एवं विद्यार्थियों के अनुकूल शैली में प्रस्तुत किया गया है।

साथ ही “युगपुरुष महर्षि दयानंद” शीर्षक से निर्मित 1 घंटा 9 मिनट की फीचर फिल्म का भी लोकार्पण किया जाएगा। यह चलचित्र महर्षि के जीवन, विचारों और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को सशक्त सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करेगा। इसका प्रदर्शन नवलखा महल सांस्कृतिक केंद्र के थिएटर में किया जाएगा।

समारोह की रूपरेखा

📅 22 फरवरी 2026

प्रातः 7:30 बजे – यज्ञ

9:00 बजे – ध्वजारोहण

11:00 बजे – राष्ट्र मंदिर लोकार्पण

12:00 बजे – श्री राजीव गुलाटी जी का अभिनंदन

सायं 5:00–7:00 बजे – “एक शाम महर्षि दयानंद के नाम”

📅 23 फरवरी 2026

प्रातः – यज्ञ, भजन एवं प्रवचन

10:00–1:30 बजे – स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी वर्ष समर्पित सत्र

राष्ट्र प्रथम की भावना

एम.डी.एच. के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री राजीव गुलाटी जी के उदार सहयोग से यह राष्ट्र मंदिर साकार हो पाया। यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना का जीवंत प्रतीक है—जहां इतिहास, संस्कृति और बलिदान की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

नवलखा महल का राष्ट्र मंदिर अब केवल एक भवन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का नवदीप है—जो हर आगंतुक के हृदय में स्वाभिमान और संस्कार की ज्योति प्रज्वलित करेगा।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like