नई दिल्ली। भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग सेवा के 1989 बैच के प्रतिष्ठित अधिकारी श्री राजेश कुमार पांडे ने आधिकारिक तौर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण कर लिया है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री हिमांशु शेखर उपाध्याय की विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के मूल निवासी श्री पांडे अपने नए पद पर एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव लेकर आए हैं। उन्होंने मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स में बी.ई. की डिग्री प्राप्त कीए जिसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से एमण्टेक किया।
उन्होंने भारतीय रेलवे में अपने शानदार करियर की शुरुआत बरौनी में सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर के रूप में की थी। तब से, उन्होंने रेलवे नेटवर्क में कई उच्च-स्तरीय भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। आरडीएसओ निरीक्षण निदेशक के रूप में, जहाँ उन्होंने गुणवत्ता आश्वासन प्रोटोकॉल में सुधार किया। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में अपर मंडल रेल प्रबंधक और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में मंडल रेल प्रबंधक के रूप में कार्य किया। पश्चिम रेलवे के विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य किया, विशेष रूप से मुंबई उपनगरीय खंड में ‘‘एक्सल काउंटर’’ की स्थापना का नेतृत्व किया ताकि मानसून के दौरान सेवाएं प्रभावित न हों।
श्री पांडे को प्रमुख बुनियादी ढांचा और सुरक्षा परियोजनाओं में उनके नेतृत्व के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। डीआरएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, ‘‘कवच’’ के विकास और कार्यान्वयन में भी एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। हाल ही में, रेलवे बोर्ड में अपर सदस्य (सिग्नल) के रूप में कार्य करते हुएए उन्होंने 400 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर ‘‘कवच’’ की स्थापना की सफलतापूर्वक निगरानी की, जिससे रेल सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।