उदयपुर। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, नई दिल्ली, राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी, जयपुर तथा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बप्पा रावल सभागार में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय लोक कला जत्था कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेशभर से 90 से अधिक लोक कलाकारों ने भाग लिया, जिनमें ख्याल, कठपुतली, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, जादू, गायन एवं जत्था कला से जुड़े कलाकार शामिल रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य लोक कला के माध्यम से समाज में एचआईवी/एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण के प्रति जागरूकता फैलाना रहा, ताकि आमजन को इन गंभीर बीमारियों से संबंधित जानकारी और बचाव के उपायों से अवगत कराया जा सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कला महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. मदन सिंह राठौड़ ने की। उन्होंने कहा कि लोक कला राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान है और इसके माध्यम से एड्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत प्रासंगिक एवं प्रभावी प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय दक्षिणी राजस्थान का सबसे बड़ा शैक्षणिक संस्थान है, इसलिए ऐसे जनहितकारी आयोजनों का विशेष महत्व है।
मुख्य वक्ता एवं राजस्थान सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. एस.के. परमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोक संस्कृति का गहरा प्रभाव है, इसलिए एचआईवी/एड्स जागरूकता के लिए लोक कला सबसे प्रभावशाली माध्यम बन सकती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने कहा कि लोक कलाओं के माध्यम से दिया गया संदेश लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ता है और सरकार की यह पहल सराहनीय है।
कार्यक्रम में बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है तथा एचआईवी/एड्स मुक्त भारत के निर्माण हेतु जनजागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोगों को उनकी भाषा और संस्कृति के माध्यम से जागरूक करना अधिक प्रभावी साबित होता है।
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. पी.एस. राजपूत ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य लोक कलाओं के माध्यम से एचआईवी/एड्स जागरूकता और रक्तदान को बढ़ावा देना है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के बाद कलाकार दूर-दराज़ गांवों में जाकर जनजागरूकता का संदेश देंगे।
कार्यशाला के दौरान कलाकारों को यह प्रशिक्षण दिया गया कि वे अपनी कला के माध्यम से एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए लोगों को जागरूक एवं सजग बना सकें। इस अवसर पर 1097 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी दी गई, जिससे आमजन संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के निदेशक डॉ. एस.के. परमार, उप निदेशक डॉ. प्रदीप चौधरी, सहायक निदेशक गरिमा भाटी, डॉ. सीमा, डॉ. मनु, ललित चौहान एवं रतन लाल माली सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।