GMCH STORIES

जैसलमेर में 144 वर्ष बाद किले से बाहर आई ’दिव्य चादर’

( Read 428 Times)

07 Mar 26
Share |
Print This Page
जैसलमेर में 144 वर्ष बाद किले से बाहर आई ’दिव्य चादर’

     जैसलमेर। स्वर्ण नगरी जैसलमेर की ऐतिहासिक धरा शनिवार को एक अपूर्व आध्यात्मिक घटना की साक्षी बनी। अवसर था दादा गुरुदेव जिनदत्त सुरीश्वर महाराज के श्चादर महोत्सवश् का। मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह चादर मात्र एक वस्त्र नहीं, बल्कि जैसलमेर की रक्षा का जीवंत प्रमाण है। 144 वर्ष पूर्व जब जैसलमेर में भीषण महामारी फैली थी, तब इसी पवित्र चादर के आगमन मात्र से शहर रोगमुक्त हुआ था। इतने लंबे अंतराल के बाद इस चादर का किले से बाहर आना और आमजन के दर्शनार्थ उपलब्ध होना, हम सबके लिए संकल्प का अवसर है।

     आध्यात्मिक दर्शन पर चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। ’गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु...’ के मंत्र के साथ यह स्पष्ट है कि गुरु ईश्वर से भी ऊपर है। जैसा कवि ने कहा, ’गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पाए, बलिहारी गुरु आपनो गोविंद दियो बताए’।  गुरु सृजन का प्रेरक है, मार्गदर्शक है और जीवन में सत्य के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य प्रकाश है।

     शेखावत ने धर्म की गहरी व्याख्या करते हुए कहा कि दादा गुरु जी ने अपने तप, त्याग और साधना से समाज को न केवल अहिंसा, बल्कि संयम और करुणा का रास्ता दिखाया। उनके जीवन ने हमें सिखाया कि धर्म केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड मात्र नहीं है, अपितु धर्म स्वयं के परिष्कार का माध्यम है। हम सौभाग्यशाली हैं कि आज हमें पुनः उसी परंपरा पर चलने का संकल्प लेने का अवसर मिला है। हम अपने व्यवहार में विनम्रता, सेवा और सदाचार का पालन करते हुए जीवन में कैवल्य की दिशा में आगे बढ़ें।

     जैसलमेर की वीरता को नमन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह वह पवित्र भूमि है, जिसने हजारों वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं के प्रहारों को अपने वक्ष स्थल पर रोककर भारत की रक्षा की। आज इस वीर प्रसूता भूमि पर संतों का यह अद्भुत समागम ज्ञान की एक नई चेतना और भक्ति का नया प्रस्फुटन लेकर आया है। यह महोत्सव न केवल जैसलमेर बल्कि पूरे देश के लिए आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

        इस आयोजन में गच्छ के अधिपति आचार्य जिन मण प्रभ सुरेश्वर महाराज, आचार्य जिन मनुज्ञ सागर, राष्ट्र संत वसंत विजय महाराज सहित विशाल संत समाज का सानिध्य मिला। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और चादर समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंसाली सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like