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सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करेगा ​'राजस्थान अशांत क्षेत्र विधेयक' : श्री गोपाल शर्मा

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06 Mar 26
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सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करेगा ​'राजस्थान अशांत क्षेत्र विधेयक' : श्री गोपाल शर्मा

​जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सिविल लाइंस विधायक श्री गोपाल शर्मा ने सदन में प्रस्तुत नए विधेयक का पुरजोर समर्थन करते हुए विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए इसे प्रदेश की शांति और सद्भाव के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति और 'सर्वधर्म समभाव' की रक्षा के लिए लाया गया है।

श्री शर्मा ने कहा कि हमारे लिए अशफ़ाक उल्ला खान और चंद्रशेखर आजाद, अटल बिहारी वाजपेयी और अब्दुल कलाम, अब्दुल हमीद और शहीद अमित भारद्वाज एकसमान है तथा यही भारतीय संस्कृति हमारी असली पहचान है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय असंतुलन पैदा करने और अल्पसंख्यकों को भयभीत कर बाहर निकालने के षड्यंत्र रचे गए हैं l

श्री शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भैरों सिंह शेखावत जी की दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार उनके शासनकाल में असामाजिक तत्वों और बाहरी शक्तियों को जयपुर में पैर नहीं जमाने दिए गए, वर्तमान सरकार भी उसी संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक प्रदेश में प्रेम, सहज भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है। जमीनों और दुकानों की खरीद-फरोख्त के माध्यम से सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की कोशिशों पर इस कानून से अंकुश लगेगा।

श्री शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार जेल का उद्देश्य समाज को विकृतियों से बचाना होता है, उसी प्रकार इस कानून का उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाने वाली प्रवृत्तियों को अलग-थलग करना है।
 


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