जैसलमेर। विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर दी थार हेरिटेज म्यूजियम में विचार गोष्ठी एवं अवलोकन का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य अंजना मेघवाल ने कहा कि संग्रहालय ज्ञान एवं अतीत की तस्वीर है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय संरक्षण का दायित्व संपूर्ण समाज का है। अंजना ने विरासत शिक्षा के महत्व को समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश भाटिया ने कहा कि जैसलमेर में प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का भंडार है, आज आवश्यकता है इसके संरक्षण की। इतिहासकार तनेसिंह सोढा ने जैसलमेर के इतिहास, लोक संस्कृति एवं विरासत पर व्याख्यान प्रस्तुत किया तथा कहा कि भारत की बहुत-सी मूर्तियाँ विदेशी संग्रहालयों में हैं, जिन्हें भारत लाने की आवश्यकता है।
पर्यावरणविद् पार्थ जगानी ने जैसलमेर क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बाहरी कंपनियों से खतरा बताया। जगानी ने मरु हस्तशिल्प, पशुपालन एवं प्राचीन खेती के औजारों इत्यादि पर विशेष प्रकाश डाला। कवि सुरेश कुमार हर्ष ने कहा कि पुराने घरों में रखी विरासत संग्रहालय में संरक्षित की जानी चाहिए। हर्ष ने विरासत संरक्षण पर कविता भी सुनाई।
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष रतनसिंह भाटी ने विरासत एवं संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का सुझाव दिया। इसी प्रकार शिक्षाविद् बाबूदान चारण ने कहा कि शासन के अधिकारियों को जिम्मेदारी से विरासत संरक्षण का कार्य करना चाहिए। वरिष्ठ समाजसेवी मुरलीधर खत्री ने विरासत एवं इतिहास शिक्षा को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। समाजसेवी ओमप्रकाश बिस्सा ने लोकगीतों के महत्व का वर्णन किया। समाजसेवी बालकिशन गोपाल ने थार हेरिटेज म्यूजियम के कार्यों की सराहना की।
संग्रहालय के संस्थापक लक्ष्मीनारायण खत्री ने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक विरासत का वर्णन किया। खत्री ने संग्रहालय संचालन में आने वाली चुनौतियों एवं कठिनाइयों का उल्लेख भी किया।
प्रारंभ में सभी आगंतुकों द्वारा सरस्वती पूजन कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक तंवर ने किया तथा अंत में ट्रस्टी घनश्याम खत्री द्वारा आभार प्रकट किया गया।
इस अवसर पर शंकर खत्री, कमल टहिल्यानी, जितेंद्र सिंह शेखावत, प्रेमजी नगर, जुगलकिशोर भाटिया, गजेंद्र पालीवाल, शिवलाल गर्ग, रमेश मेघवाल, जयनारायण भाटिया, जीवन खत्री इत्यादि उपस्थित थे।