सहित्य अकादेमी, दिल्ली और भारतीय पुस्तक न्यास,दिल्ली के पुस्तक समीक्षक पेनलिस्ट और कई संस्थाओं के पुरस्कार निर्णायक मंडल के सदस्य, प्रसिद्ध व्यंग्यकार, कवि, कथाकार, बाल साहित्यकार और संपादक के रूप में विशेष पहचान रखने वाले रचनाकार फारूक आफरीदी का जन्म 24 दिसंबर, 1952 को पिता स्व. मोहम्मद अहसान एवं माता स्व. फखरन निशा के परिवार में जोधपुर में हुआ। हिंदी साहित्य से एमए. तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की शिक्षा प्राप्त की। देश के समकालीन व्यंग्यकारों राजस्थान के पूरन सरमा, यशवंत कोठारी, बुलाकी शर्मा, अनुराग वाजपेयी, अतुल चतुर्वेदी, प्रभात गोस्वामी के साथ-साथ इनका नाम व्यंग्य लेखकों में सम्मान से लिया जाता है। व्यंग्य लेखन के साथ-साथ साहित्यिक, सामाजिक, कला-संस्कृति, पर्यटन और लोक विषयों पर विगत 50 वर्षों 3000 से अधिक आलेख देश के प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए एवं प्रमुख स्तंभकार हैं। व्यंग्य की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं ‘’व्यंग्य यात्रा’’ और ‘’अट्टहास’’ में नियमित लेखन। संपादन और प्रकाशन की इनकी समृद्ध श्रृंखला है। देश विदेश के एक दर्जन से अधिक साझा व्यंग्य संग्रहों और काव्य संग्रहों में रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। आकाशवाणी,दिल्ली सहित राजस्थान के विभिन्न केन्द्रों और दूरदर्शन पर अनेक रचनाओं का प्रसारण।
व्यंग्य लेखन पर पाँच व्यंग्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें ‘’मीनमेख‘’, ‘’बुद्धि का बफर स्टॉक’’, ‘’धन्य है आम आदमी’’ और ‘’फारूक आफरीदी की चयनित व्यंग्य रचनाएँ’’ (व्यंग्य) और दो प्रकाशनाधीन है। व्यंग्य लेखक के साथ - साथ व्यंग्य आलोचक भी हैं और आलोचना पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। दो कविता संग्रह शब्द कभी बांझ नहीं होत और प्रेम कविताएं प्रकाशित हैं। बाल साहित्य पर तीन पुस्तकें प्रकाशनधीन हैं।
देश की कई संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत और सम्मानित किया जा चुका है। प्रमुख पुरस्कार और सम्मानों में राजस्थान सहित्य अकादमी,उदयपुर का विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, राष्ट्रीय अणुव्रत लेखक सम्मान, इन्दिरावती रणसिंह श्योराण फाउंडेशन, भादरा द्वारा राष्ट्रीय साहित्य सम्मान, राजस्थान पत्रिका का श्रेष्ठ कहानी के लिए सृजनात्मक साहित्य सम्मान, जयपुर पीस फाउंडेशन द्वारा व्यंग्य लेखन के लिए सारस्वत सम्मान, साहित्य समर्था पत्रिका द्वारा शब्द कभी बांझ नहीं होते कविता संग्रह के लिए शिक्षाविद डॉ. पृथ्वीनाथ भान कविता संग्रह सम्मान, पब्लिक रिलेशन सोसाइटी, राजस्थान चैप्टर द्वारा जनसम्पर्क गौरव सम्मान और लाइफ टाइम एचीवमेंट सम्मान, बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), जयपुर द्वारा चन्द्रबरदाई भाषा सम्मान, साहित्यांचल रत्नाकर पाण्डेय साहित्य सम्मान, सबरंग संस्था, जयपुर द्वारा श्रीगोपाल पुरोहित साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान, शबनम साहित्य परिषद, सोजत (पाली) द्वारा साहित्य सिद्धहस्त सम्मान, ढूंढाड़ री ललकार समाचार पत्र द्वारा ढूंढाड गौरव सम्मान, काव्या फाउंडेशन, इंडिया द्वारा काव्या सम्मान, नाथद्वारा साहित्य मण्डल, नाथद्वारा का काव्य कौस्तुभ सम्मान, ,राष्ट्रभाषा परिषद, जोधपुर द्वारा राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान प्राप्त हुए। आप इंडिया नेटबुक्स, नई दिल्ली की राष्ट्रीय साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका अनुस्वार के सलाहकार संपादक और देहरादून से प्रकाशित साहित्यिक मासिक पत्रिका सरस्वती सुमन के राजस्थान ब्यूरो प्रमुख है ।
राजस्थान सरकार की मुख पत्रिका राजस्थान सुजस के संस्थापक संपादक रहे। आठ वर्षों तक दैनिक राष्ट्रदूत में अतिथि संपादकीय लेखन। तीन राज्यपालों और मुख्यमंत्री राजस्थान के प्रेस प्रभारी रहे तथा दो बार मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी रहे। कई संस्थाओं में विभिन्न पदों पर सक्रिय हैं।
राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संयुक्त निदेशक पद से सेवा निवृत्त हैं और जयपुर में निवास कर सृजनात्मक लेखन में सक्रिय हैं।