GMCH STORIES

रक्तदान के प्रति जागरूक फैलाएं राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में भाग लें 

( Read 367 Times)

04 May 26
Share |
Print This Page

रक्तदान के प्रति जागरूक फैलाएं  राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में भाग लें 

रक्त दान का महत्व वही जान सकता है जब उसे अपने लिए या प्रियजन की जिंदगी बचाने के लिए खून की जरूरत पड़े। जो बच्चें थैलेसीमिया की बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें तो हर समय कुछ अंतराल पर नियमित खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है। देश में हर दिन विभिन्न कारणों से बड़ी संख्या में खून की जरूरत होती है। यह बात महसूस की जब विगत दिनों गांधीनगर में एशिया के सबसे बड़ी रेडक्रास सोसायटी और रक्त बैंक को देखने का अवसर मिला। इसके प्रभारी महेंद्र जोशी ने सभी साहित्यकारों को रक्त दान का महत्व बताया और वहां रक्त चढ़वाने आए थैलेसीमिया के बच्चों से मिलवाया। बच्चों और उनके परिजनों ने भी वहां की सुविधाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । रक्त दान के महत्व को समझ कर मौके पर ही साहित्यकारों ने कविता रच कर सुनाई और कुछ ने वहीं रक्तदान कर पुण्य कमाया।

इस सब से समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत के संस्थापक डॉ. मुकेश कुमार व्यास स्नेहिल इतने भावविभोर हुए कि उन्होंने रक्त दान को अपने संस्थान का  स्थाई सामाजिक प्रकल्प * जरूरतमंद को रक्तदान"* बनाने की घोषणा की। साहित्यकारों के अधिवेशन में संस्थान की ओर से 14 जून विश्व रक्तदान दिवस पर "रक्त दान जीवन दान" विषय पर राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता आयोजन की घोषणा की गई।  'मिशन रक्त क्रांति' के तहत

रेड क्रॉस सोसाइटी ने भी सहयोग के लिए अपने हाथ बढ़ाएं।

संस्थान के संस्थापक डॉ. मुकेश ने इस राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता को संस्थान का पावन और सर्वोच्च लक्ष्य तय कर 31 मई की रात्रि 11. 59 बजे तक संस्थान के ईमेल पर भेज सकते हैं। देश के साहित्यकारों, रचनाकारों, कविता लेखकों से अपनी कविता भेजने का आग्रह किया है। भाग लेने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं है बच्चे से बुजुर्ग तक सभी भाग ले सकते हैं।

  कविता प्रतियोगिता के कुछ मापदंड निर्धारित किए गए । कविता हिंदी भाषा में एवं 12 से 20 पंक्तियों में  'रक्तक्रान्ति' 'थैलीसीमिया' 'रक्तदान महादान' पर केंद्रित होना अनिवार्य है।  निर्धारित पंक्तियों से कम या अधिक पंक्तियों वाली रचना अमान्य होगी।  कविता का उचित शीर्षक देना आवश्यक है। रचना पूर्णतः मौलिक एवं अप्रकाशित होनी चाहिए। इस आशय का स्व-घोषणा प्रमाण पत्र साथ भेजना होगा। एक प्रतिभागी केवल एक रचना*भेज सकता है। एक बार प्रेषित रचना में संशोधन मान्य नहीं होगा। रचना के अंत में अपना पूरा नाम, डाक का पता मय पिनकोड, व्हाट्सएप मोबाइल नंबर लिखना आवश्यक होगा ।  अपनी एक स्पष्ट पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करनी होगी ।  रचना भेजने की अंतिम तिथि: 31 मई 2026, रात्रि 12:00 बजे तक है। इसके पश्चात प्राप्त रचनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी।  निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।

        प्रतियोगिता का परिणाम रक्तदान दिवस 14 जून 2026 को ऑनलाइन कार्यक्रम के फेसबुक के लाइव  के माध्यम से विजेताओं को दूरभाष/व्हाट्सएप पर भी सूचित किया जाएगा।नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए।

प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कारों के अतिरिक्त निर्णायक मंडल की अनुशंसा पर सांत्वना पुरस्कार एवं विशेष सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

   वैसे यह कोई नया उपक्रम नहीं हैं प्राय देश भर में समय - समय पर रक्तदान शिविर आयोजित होते हैं और हजारों यूनिट रक्तदान किया जाता है। इसकी विशेषता है कि पूरे देश में एक साथ जागरूकता के लिए कविताओं के माध्यम से साहित्यकारों और कविता लेखकों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। सामाजिक जागरूकता में साहित्यकारों का बड़ा ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपने इसी भाव को सामने रखते हुए इस आयोजन के भागीदार बने, कलम उठाएं और लिखदें राजदान के महत्व पर एक कविता...आपकी लेखनी से प्रेरित हो कर किया गया रक्तदान किसी की जिंदगी बचाने के काम आए, इस से बड़ी बात आपके लिए क्या होगी।

 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like