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अर्पण सेवा संस्थान द्वारा  'नवाचार विनिमय एवं सतत ग्रामीण परिवर्तन के लिए सहयोगात्मक कार्य' पर राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

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28 Feb 26
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अर्पण सेवा संस्थान द्वारा  'नवाचार विनिमय एवं सतत ग्रामीण परिवर्तन के लिए सहयोगात्मक कार्य' पर राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

उदयपुर । महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) के RCA सभागार में अर्पण सेवा संस्थान,  UNICEF व् महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT) के सहयोग  से   तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'नवाचार विनिमय एवं  ग्रामीण सतत विकास  के लिए सहयोगात्मक कार्य' सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ एन. एस. राठौर, पूर्व कुलपति महाराणा प्रताप विश्व विद्यालय, उदयपुर, विशिष्ठ अतिथि डॉ. पी.के. सिंह, पूर्व डीन CTAE कॉलेज उदयपुर, डॉ  मनोज महेला डीन RCA कॉलेज उदयपुर, श्री ए.के. मेहता, डॉ. शुभ करण सिंह, अध्यक्ष अर्पण सेवा संस्थान, श्री याशंकर शिवहरे, महासचिव अर्पण सेवा संस्थान, श्री राजेश जैन, कोषाध्यक्ष अर्पण सेवा संस्थान, श्री वरुण शर्मा अध्यक्ष अरावली संस्थान, जयपुर  एवं श्री महेंद्र चलका डायरेक्टर चलका एग्रीटेक प्रा लि. कोटा, श्री रामावतार बीजानिया इनके मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

सत्र FPO (किसान उत्पादक संगठन) की स्थायित्व एवं उद्यमशीलता विकास के विषय से आरंभ हुआ। Ayecart के श्री शुभेंदु दास ने FPO को आत्मनिर्भर एवं व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किए जिन्होंने प्रतिभागियों को अत्यधिक प्रभावित किया।

ऑनलाइन माध्यम से अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन को संबोधित किया। HDFC परिवर्तन की उपाध्यक्ष सुश्री रुपाली गोस्वामी ने ग्रामीण विकास में CSR की भूमिका पर विचार साझा किए।

L&T की CSR प्रमुख सुश्री मेबल अब्राहम ने संस्थागत सहयोग को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।

अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की नंद घर (राजस्थान) की प्रमुख परिचालन अधिकारी सुश्री प्रियंका शर्मा ने आँगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन में अर्पण के योगदान की सराहना की।

NBCFDC के अनुदान कार्यपालक श्री मुन्ना खालिद ने DNT समुदायों के लिए बीज योजना के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय अवसरों की जानकारी दी।

NABARD जयपुर के DGM श्री राजीव कुमार बरनवाल ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के वित्त पोषण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। Hasten Regeneration Pvt Ltd की सुश्री शीबा सेन ने कार्बन क्रेडिट की संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा किए।

 

LTIMindtree के उत्तर भारत CSR प्रमुख श्री विपिन विजयन ने सतत विकास की कार्यप्रणाली पर विचार रखे।

 CSR सलाहकार श्री नीरज प्रसाद ने मध्यम एवं जमीनी स्तर के प्रबंधन के लिए परियोजना डिज़ाइन पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र संचालित किया जो अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा।

डॉ  मनोज महेला डीन RCA कॉलेज उदयपुर ने किसानो को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने  की बात कही।

श्री राजेश जैन, कोषाध्यक्ष अर्पण सेवा संस्थान, श्री वरुण शर्मा अध्यक्ष अरावली संस्थान, जयपुर  एवं श्री महेंद्र चलका डायरेक्टर चलका एग्रीटेक प्रा लि. कोटा, श्री रामावतार बिजनिया  ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ एन. एस. राठौर, पूर्व कुलपति महाराणा प्रताप विश्व विद्यालय, उदयपुर, ने व्यवसाय विश्लेषण, उद्यम विकास, आजीवन अधिगम, जनरेटिव AI, समावेशी नवाचार एवं सतत परिवर्तन जैसे भविष्योन्मुखी विषयों पर संस्था की दिशा तय करने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

 

 विशिष्ठ अतिथि डॉ. पी.के. सिंह, पूर्व डीन CTAE कॉलेज, उदयपुर, ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अद्यतन रहने, ज्ञान को नवीनतम बनाए रखने तथा संस्था का कॉर्पस फंड सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया।

 डॉ. शुभ करण सिंह, अध्यक्ष अर्पण सेवा संस्थान ने बताया की तीन दिन में विश्लेषण पर आगामी दिनों में काम किया जायेगा, उन्होंने सभी को संस्थान को और मजबूत कर आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।

 

यह सम्मेलन न केवल अर्पण की 30 वर्षीय यात्रा का उत्सव था, बल्कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को ध्यान में रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने हेतु प्रतिबद्धता का संकल्प भी था।

 

तीन दिनों तक चले इस ऊर्जावान एवं प्रेरणादायी सम्मेलन का समापन महासचिव श्री याशंकर शिवहरे के भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, फंडिंग भागीदारों, बोर्ड सदस्यों, समुदाय प्रतिनिधियों एवं अर्पण के समस्त कार्यकर्ताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सम्पन्न होने की घोषणा की।

संस्थान में 15 साल से ज़्यादा समय से अच्छा काम कर रहे 21 कर्मयोगियों को कमिटमेंट और एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया ।

 

इस कार्यक्रम में ७ राज्यों से आये 250 कर्मयोगीयों व 50 से अधिक किसानों ने  नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए  विभिन्न विषयों पर भाग लिया।


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