उदयपुर। राजस्थान कृषि महाविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग द्वारा संचालित एक वर्षीय कृषि आदान विक्रेता पाठ्यक्रम के आठवें बैच का प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 36 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. सुधीर वर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग ने कृषि आदान विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को सुचारु रूप से एवं कानून के दायरे में संचालित करने की सलाह दी। उन्होंने कृषि में उपयोग होने वाले खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाइयों की पहचान, उचित उपयोग एवं उनकी सही मात्रा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ. नीरज यादव, डीडीएम, नाबार्ड ने कृषि आदान विक्रेताओं को केवल विक्रेता ही नहीं बल्कि सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया तथा किसानों को सही एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में उपलब्ध ऋण एवं अनुदान योजनाओं की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर डॉ. एम. के. महला, अधिष्ठाता, राजस्थान कृषि महाविद्यालय ने बताया कि अब तक लगभग 300 से अधिक कृषि आदान विक्रेता इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में पाठ्यक्रम के 9वें एवं 10वें बैच संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 200 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
पाठ्यक्रम संचालक एवं कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एस. रमेश बाबू ने कीटनाशक दवाइयों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए समारोह का समापन किया।
समारोह में पाठ्यक्रम शिक्षण से जुड़े डॉ. बीरेन्द्र सिंह, श्री मोतीलाल जी एवं कीट विज्ञान विभाग के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।