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होली पर रेलवे का शानदार प्रबंधन

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03 Mar 26
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होली पर रेलवे का शानदार प्रबंधन

जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने होली त्योहार के दौरान भारी यात्री भीड़ को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की हैं। सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर यात्रियों को संरक्षित और सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के संगठित प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार से अपने गृह नगरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुगमए सुरक्षित और परेशानी-मुक्त यात्रा सुविधा उपलब्ध हो रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे द्वारा होली पर्व के अवसर पर विभिन्न मार्गों पर यात्री भार की समीक्षा कर यात्रियों को सुगम रेल यात्रा के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में होली के लिए 295 ट्रिप नई स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अधिसूचना जारी की गई है जो कि विभिन्न गंतव्यों गोरखपुर, समस्तीपुर, योगनगरी ऋषिकेश, अमृतसर, मैसूरू, काकिनाडा, गोमतीनगर, भावनगर टर्मिनस, हावडा, तिरूपतिए मऊ, साबरमती, दानापुर, आसनसोल, चैन्नई एग्मोर, वडोदरा, कोलकाता के लिए संचालित की जा रही है। होली पर्व से पूर्व के सप्ताह में 54 ट्रिप नई स्पेशल ट्रेनें संचालित की गई है। यह ट्रेनें गोरखपुर, मैसरू, काकिनाडा, भावनगर टर्मिनस, हावड़ा, तिरूपति, दानापुर, कोलकाता, साबरमती, असारवा तथा अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों की ओर संचालित की गई है। इस अवधि के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार से 55 लाख से अधिक यात्रियों ने विभिन्न गंतव्यों के लिए सुगमता के साथ यात्रा की है। उल्लेखनीय है कि 1 और 2 मार्च को लगभग 11 लाख यात्रियों ने यात्रा की तथा 21 ट्रिप नई स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे पर 30 स्पेशल ट्रेनों के 216 ट्रिप की संचालन अवधि में भी विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि मार्च माह में अतिरिक्त यात्री भार की स्थिति को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 53 नियमित ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों के 141 अतिरिक्त डिब्बें जोड़े गए है। होली के त्यौहार पर भीड़ प्रबंधन हेतु प्रमुख स्टेशनों पर विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई, जिससे प्रभावी तरीके से स्टेशनों और ट्रेनों में अधिक यात्री को संभाला गया। बडे और प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया तथा बैरिकेटस लगाकर प्रवेश व्यवस्था करना। स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं टिकट चैकिंग कर्मचारियों की तैनाती। स्टेशनों पर हेल्प डेस्क के माध्यम से यात्रियों को उचित मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करना। स्पेशल ट्रेनों के संबंध में लगातार उद्घोषणा कर जानकारी प्रदान करना। इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से ट्रेन संबंधी जानकारी प्रदर्शित करना। एटीवीएम और रेल वन ऐप के माध्यम से टिकट खरीद को प्रोत्साहित करने हेतु व्यापक प्रचार एवं जागरूकता अभियान चलाना। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा आवश्यकता अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना। स्पेशल ट्रेनों का प्रिंट,  इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करना। स्पेशल ट्रेनों के समय पर संचालन सुनिश्चित करने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग करना तथा मुख्यालय स्तर एवं मंडल स्तर पर उच्च अधिकारियों द्वारा नियमित तौर पर निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए सभी विभागों के समन्वय से चौबीसों घंटे वॉर रूम कार्य कर रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा स्टेशनों और ट्रेनों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मचारी तैनात किए गए हैं जो यात्रियों का सहयोग कर रहे हैं। प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से गहन निगरानी रखी जा रही है तथा कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग की जा रही है। 


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