श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता से समाज के अन्य वर्गों के साथ-साथ कृषि उपज मंडी समितियों में कार्यरत श्रमिकों को भी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में राजस्थान राज्य कृषि विपणन विभाग द्वारा संचालित महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना से श्रमिक लाभान्वित हो रहे हैं। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में मंडी समितियों के माध्यम से 1969 हम्माल, तुलारा और पल्लेदारों को 863 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का भुगतान किया जा चुका है।
राजस्थान राज्य कृषि विपणन विभाग द्वारा संचालित महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत राज्य की कृषि उपज मंडी समितियों में राजस्थान के मूल निवासी ऐसे हम्माल, पल्लेदार, तुलारा अनुज्ञापत्रधारी, जिनके द्वारा मण्डी प्रांगण, गौण मंडी प्रांगण में गत तीन वर्षों में कम से कम मजदूरी 10 हजार रूपए प्रतिवर्ष का कार्य किया हो एवं जिनकी अधिकतम 60 वर्ष आयु हो, को योजनान्तर्गत अपनी जन आधार के माध्यम से राज किसान पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करने पर संबंधित कृषि उपज मंडी समिति द्वारा प्रसूति, विवाह, छात्रवृत्ति और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रसूति योजना के तहत महिला अनुज्ञप्तिधारी हम्माल, पल्लेदार, तुलाईकार को अधिकतम दो प्रसूतियों के लिए दो बच्चों की सीमा तक अकुशल श्रमिक की प्रचलित मजदूरी दर अनुसार 45 दिवस की मजदूरी के समतुल्य सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। शिशु के हम्माल, पल्लेदार, तुलाईकार पिता को भी पितृत्व अवकाश के रुप में अकुशल श्रमिक की प्रचलित मजदूरी दर की 15 दिवस की मजदूरी के समतुल्य सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके लिये प्रसूति दिनांक से 03 माह में आवेदन करना अनिवार्य है।
विवाह सहायताः माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बजट घोषणा में अनुज्ञप्तिधारी महिला के स्वयं के विवाह अथवा अनुज्ञप्तिधारी पुरूष/महिला की दो पुत्रियों की सीमा तक प्रति विवाह 75 हजार रूपये सहायता राशि दी जाने की घोषणा की गई है। अनुज्ञप्तिधारी द्वारा निर्धारित प्रारुप में विवाह के दस दिवस पूर्व से लेकर 03 माह बाद तक आवेदन किया जाने पर सहायता राशि देय है एवं दो पुत्रियों का विवाह एक साथ करने पर दो विवाह की सहायता राशि देय है।
छात्रवृत्ति/मेधावी छात्र पुरस्कारः मंडी में अनुज्ञापत्रधारी हम्माल, पल्लेदार, तुलाईकार के कक्षा 10 से स्नातकोत्तर तक पढ़ने वाले ऐसे छात्र, छात्रा जो प्रथम श्रेणी अंक पाता है, को दो बच्चों की सीमा तक निर्धारित दर से प्रति छात्र एकमुश्त पात्रता स्थापित होने के तीन माह में आवेदन करने पर मेधावी छात्रवृति दी जाती है। इसमें कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक वाले छात्र को 3 हजार रूपये और छात्रा को 3500 रूपये की छात्रवृत्ति और 70 से 80 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र को 2000 तथा छात्रा को 2500 रूपये की छात्रवृत्ति दी जायेगी। इसी प्रकार कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक वाले छात्र को 5000 तथा छात्रा को 6000 रूपये, 80 से 90 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र को 4000 व छात्रा को 5000 रूपये, 70 से 80 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र को 3000 और छात्रा को 4000 रूपये दिये जायेंगे। स्नातक में 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर छात्र को 4000 रूपये और छात्रा को 5000 रूपये, स्नात्कोत्तर में 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर छात्र को 5000 तथा छात्रा को 6000 रूपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।
चिकित्सा सहायताः अनुज्ञप्तिधारी हम्माल, पल्लेदार, तुलाईकार को गंभीर बीमारी (कैंसर, हार्ट अटैक, लीवर, किडनी आदि से संबंधित) होने की दशा में सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्रों एवं राज्य सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकृत अस्पतालों में भर्ती रहने पर चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति अधिकतम रुपये 20 हजार की सीमा तक की जावेगी। इसके लिये चिकित्सालय से डिस्चार्ज होने के 06 माह की निर्धारित समय सीमा में आवेदन करना अनिवार्य है।
महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना अंतर्गत आवेदन सीधे ही मंडी समितियों को किया जाता है, जिसका मंडी स्तरीय सहायता समिति द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार निस्तारण किया जाता है। सहायता राशि स्वीकृत करने के लिए मंडी समिति स्तरीय कमेटी सक्षम है तथा राशि का भुगतान मंडी समिति द्वारा सीधे ही दावेदारों को किया जाता है। योजना मंडी समितियों के माध्यम से राज किसान पोर्टल पर ऑनलाइन संचालित है।