श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरीशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत ग्राम पंचायत मिर्जेवाला में नशा मुक्त पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि आज नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य पर हमला है। नशे की गिरफ्त में आने वाला युवा केवल अपना जीवन ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि अपने माता-पिता के सपनों, परिवार की खुशियों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है।
नायब तहसीलदार श्री आदराम ने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि इंसान के चरित्र, आत्मविश्वास, रिश्तों और सपनों को भी खत्म कर देता है। इसलिए पूरे गांव को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि कोई भी युवा नशे की ओर बढ़ता दिखाई दे तो उसे रोकने, समझाने और सही मार्ग दिखाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों, परिवार की भूमिका, युवाओं की जिम्मेदारी तथा समाज की सहभागिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
श्री दीपक मेव ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जब गांव का प्रत्येक परिवार जागरूक होगा, तभी वास्तव में नशा मुक्त पंचायत और नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव होगा। श्री हसन ने उपस्थित माताओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि बच्चों के व्यवहार, मित्र मंडली और दैनिक गतिविधियों पर ध्यान देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि बच्चे के स्वभाव में अचानक परिवर्तन दिखाई दे, वह परिवार से दूरी बनाने लगे, पढ़ाई या काम में रुचि कम हो जाए अथवा संदिग्ध लोगों के संपर्क में आने लगे, तो परिवार को तुरंत सजग होना चाहिए। एक माँ की सतर्कता और प्यार किसी भी बच्चे को नशे की दलदल में गिरने से बचा सकता है।
अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने अपने परिवार, गांव और आने वाली पीढ़ियों को नशे से दूर रखने तथा नशा मुक्त मिर्जेवाला के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि संदीप सेखों, ग्राम विकास अधिकारी कमलेश कुमार, थाना स्टॉफ मटीलीराठान, विनोद भांभू सहित अन्य मौजूद रहे।