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नशा की पहचान हुई,आसान

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28 Feb 26
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नशा की पहचान हुई,आसान

जब तक परिजनों को पता लगता है तब तक अधिकांश बहुत देर हो चुकी होती है और नशाखोर एक गंभीर रोगी बन चुका होता है। तब तब इस रोगी का इलाज करना बहुत कठिन हो जाता है। यह बात नशामुक्ति अभियान में लगे डॉक्टर पी सी जैन में आज यहां महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज , प्रतापनगर की छात्राओं के समक्ष कही।
परंतु अब नशे की पहचान आसान हो गई है। तंबाकू और गुटके की पहचान मुंह का खुलना कम होना एवं बार-बार मुंह में छाले पडने पर हो सकती है। तंबाकू का पता पेशाब में कोटिनिन की जांच से भी हो जाती है।
शराब का का पता ब्रेथ एनालाइजर और खून की जांच से लग जाता है।
गांजे का पता लैट्रिन बाथरूम में नशेड़ी के जाने के बाद की बदबू से लग सकता है। साथ ही उसकी रहन सहन, व्यवहार में बदलाव और पेशाब में टी एच सी टेस्ट से पता लग जाता है।


अगर आपके घर से सामान  गायब होना, रूपए पैसे गायब होना, मोबाइल खोना, रोगी को बार-बार उबासी आना, नाक और मुंह से पानी आते रहना, पिंडलियों में बहुत तेज दर्द होना तो यह अफीम, ब्राउन शुगर, कफ सिरप इत्यादि का नशा हो सकता है। साथ ही इसका भी पता पेशाब में ओ पी आई  टेस्ट से लग जाता है।
इनर व्हील क्लब उदयपुर नगर का एकमात्र सोशल ऑर्गेनाइजेशन है जो नशा मुक्ति पर अब तक पांच कार्यक्रम करवा चुका है। कार्यक्रम में इनर व्हील क्लब के अध्यक्ष चंद्रकला कोठारी एवं सचिव बबिता जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने  छात्राओं को अपनी सुरक्षा कैसे करें इसका प्रेक्टिकल करके भी बताया। "तमाखू की पुड़िया , बच्चों की लड़ाई '', लघु नाटिका छात्राओं ने की ।प्रिंसिपल खुर्शीदा बानू ने क्लब की टीम और डॉक्टर पी सी जैन को  इस प्रेजेंटेशन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया, और आग्रह किया कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं में जागृति हेतु सतत चलने चाहिए। कार्यक्रम में मोनिका भाणावत, अलका हाडा,कविता माथुर,संगीता इत्यादि अध्यापक भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमान ऋषभ चौहान जी ने किया।


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