GMCH STORIES

"घर घर में विज्ञान और घर घर में नवाचार "कार्यकम  आयोजित

( Read 1005 Times)

28 Feb 26
Share |
Print This Page

"घर घर में विज्ञान और घर घर में नवाचार "कार्यकम  आयोजित

उदयपुर : राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रावलिया खुर्द में "घर घर में विज्ञान और घर घर में नवाचार "कार्यकम    आयोजित किया गया।  कार्यक्रम में विद्यालय  के प्रधानाध्यापक  कुबेर सालवी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। विज्ञान शिक्षिका श्रीमती अंजू शर्मा ने स्टेम कार्यक्रम की जानकारी दी एवं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व के बारे में बताया।
इसरो से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र पोखरना ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को जानकारी देकर कुछ सरल वैज्ञानिक गतिविधियों की पहचान करने का प्रयास किया गया है जिससे बच्चे अपने घरों में मौजूद वस्तुओं जैसे कि खाना खाने  की थाली, पानी की गिलास, प्रेशर कुकर, चाकू, कैंची, डिब्बा, काला तवा, नमक का पानी में घुलना, घर का क्षेत्रफल निकालना, घर के पास लगे पैडों और आसपास के उपस्थित जीवों की जानकारी  से बिना पैसे के उपलब्ध सामग्री से ही विज्ञान के प्रति आकर्षित हो सकते हैं।
 वैज्ञानिक डॉ सुरेंद्र सिंह पोखरना ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (स्टेम) आधारित नवाचार  पूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। घर और अपने स्कूल में उपलब्ध जो वस्तुएं हैं वह  क्या काम आती है, कहां से आती है, किस पदार्थ से बनी है, और कैसे काम करती है, रंग डिजाइन आदि क्या है और इनका उपयोग किस तरह किया जा सकता है, इसमें विशेष रूप से इसके पीछे विज्ञान और इंजीनियरिंग और गणित क्या थी, जिससे यह वस्तु मानव उपयोग में ली जा रही है,  परियोजना का अर्थ  75 गतिविधियों  में उपलब्ध डिजाइन, मापन, स्वास्थ,शरीर विज्ञान,अध्यात्म एवं खगोल विज्ञान, भौजन विज्ञान, वातावरण, प्रौद्योगिकी पदार्थ विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, गणित, भौतिक एवं रसायन विज्ञान के संदर्भ में बताया गया । यह पर्यावरण को भी बहुत कम दूषित करेगा घर में बच्चों और माता-पिता के परिवार के अन्य सदस्यों के बीच संबंध  मधुर बनेंगे और वह भी विज्ञान के प्रति जागरूक होंगे और साथ में स्थानीय स्तर पर नए-नए  आविष्कार कर सकते हैं।
भाभा एटॉमिक ऊर्जा विभाग से सेवा निवृत अभियंता एवं वैज्ञानिक डॉ. महावीर प्रसाद जैन ने बच्चों को इंजीनियरिंग क्या होती है और इसका मानव जीवन में क्या उपयोग है और इनसे  किस तरह से नई-नई खोजें हो रही है, और इनसे  कैसे जीवन को सरल बनाया जा रहा है, साथ ही सौर ऊर्जा,पवन ऊर्जा,जल ऊर्जा एवं आणविक ऊर्जा के बारे में जानकारी दी   और आपने कई उदाहरण दिए जिससे बच्चे लाभान्वित हुए।
अलर्ट संस्था के अध्यक्ष जितेंद्र मेहता ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर जानकारी दी और बताया कि पर्यावरण संरक्षण के बारे में स्कूल जीवन से ही बच्चों को जानकारी देकर  कर  प्रायोगिक कार्य कराए जाने चाहिए, जिससे बच्चे अपने जीवन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हो साथ ही ग्रामीण क्षेत्र से अधिक से अधिक बच्चे विज्ञान के प्रति आकर्षित हो एवं वैज्ञानिक बने और देश का नाम रोशन करें, हर बच्चा विज्ञान पढ़ सकता है और आगे जाकर वह इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके इसके लिए बच्चों को स्वयं और स्थानीय संसाधनों के आधार पर पहल करनी होगी ।  कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं  डी.एस.कोठारी इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष सिंचाई विभाग विभाग से सेवानिवृत  चीफ इंजीनियर राजेंद्र चतुर ने जल संरक्षण एवं उसके महत्व के बारे में बताया साथ ही दो बूंद पानी संरक्षण पर लिखित पुस्तक की जानकारी भी दी और  डॉ.डी.एस. कोठारी इंस्टीट्यूट के कार्यों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए  बताया कि हम विज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और अधिक से अधिक बच्चों को इससे लाभान्वित करने की योजना है विद्यालय की सीमा मेहता ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।  कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक, चाइल्ड फंड इंडिया के गणेश लालएवं कक्षा 5, 6, 7 के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like