उदयपुर। जिला स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स और धरती माता बचाओ अभियान के तहत समीक्षा एवं निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन के दौरान जिले में खादों की निर्बाध आपूर्ति और सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित करना रहा।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुधीर वर्मा ने बैठक में बताया कि इस बार खरीफ के मौसम में उदयपुर जिले के लगभग 1,75,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का और सोयाबीन सहित विभिन्न फसलों की बुवाई होने का अनुमान है। इन फसलों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिले में यूरिया 20,000 मेट्रिक टन, डीएपी 3,500 मेट्रिक टन एसएसपी 3,500 मेट्रिक टन तथा एनपीके 1,500 मेट्रिक टन की अध्यक्षता रहेगी।
श्री वर्मा ने बताया कि जिले में उर्वरकों की आपूर्ति रेल और सड़क मार्ग से निरंतर जारी है। वर्तमान में विक्रेताओं के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें 3,452 मैट्रिक टन यूरिया, 910 मैट्रिक टन डीएपी, 2,460 मैट्रिक टन एसएसपी और 472 मैट्रिक टन एनपीके शामिल है। मुख्यालय जयपुर से भी आश्वस्त किया गया है कि मांग के अनुसार समय पर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, आईसीएआर और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे आगामी सीजन को देखते हुए पूरी तरह सजग रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए आपूर्ति और वितरण का प्रबंधन सुगमता से किया जाना चाहिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी गिर्वा अवुला सांईकृष्ण और जिला परिषद के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरमाराम सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।