उदयपुर। पर्यटन नगरी उदयपुर को महिला-हितैषी और विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) के टूरिज्म विंग बीसीआई टूरिज्म ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर “पिंक टॉयलेट” स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह प्रस्ताव हाल ही में आयोजित बैठक में पारित किया गया, जिसके बाद इसे देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व सहित संबंधित विभागों एवं कॉर्पोरेट संस्थानों को भेजा गया है, ताकि इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
सरकार और कॉर्पोरेट संस्थानों को भेजे गए पत्र
बीसीआई के फाउंडर एंड चैयरमेन मुकेश माधवानी ने बताया कि बीसीआई टूरिज्म की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, नगर निगम आयुक्त, उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) सचिव, पर्यटन विभाग क्षेत्रीय कार्यालय उपनिदेशक एवं पर्यटन विभाग आयुक्त, वेदांता समूह के सीएसआर विभाग और वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल को भेजा गया है।
इस प्रस्ताव पर बीसीआई के संस्थापक एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी, बीसीआई टूरिज्म प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी, जनरल सेक्रेटरी गौरव भंडारी, सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धिंग, ट्रेजरर स्वाति स्वरूपरिया ने हस्ताक्षर कर सरकार और कॉर्पोरेट संस्थानों को भेजा गया है।
महिलाओं की बुनियादी सुविधाओं के लिए पिंक टॉयलेट जरूरी
बीसीआई टूरिज्म प्रेसिडेंट डॉ. श्रद्धा गट्टानी ने बताया कि महिला पर्यटकों की बढ़ती संख्या और उनके लिए बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 'पिंक टॉयलेट' की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कई पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ, सुरक्षित और अलग शौचालयों की अनुपलब्धता के कारण महिलाओं को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बीसीआई टूरिज्म ने महिलाओं के लिए इसी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव पारित कर सरकार और कॉर्पोरेट्स को भेजा गया है ताकि इसे मूर्त रूप दिया जा सके।
सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन से लेकर बेबी केयर और फीडिंग एरिया भी हो
सेक्रेटरी सुरभि मेनारिया धींग ने बताया कि पिंक टॉयलेट मॉडल में आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिसमें महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित परिसर, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और उनके निस्तारण के लिए इन्सिनरेटर, छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही माताओं के लिए बेबी केयर और फीडिंग एरिया, संचालन एवं रखरखाव के लिए महिला स्टाफ की नियुक्ति और डिजिटल मैप्स और पिंक साइनज के माध्यम से आसान पहचान जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह मॉडल न केवल सुविधा प्रदान करेगा बल्कि शहर की छवि को भी एक आधुनिक और संवेदनशील पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा।
देशभर के लिए बन उदयपुर बन सकता है बेंच मार्क
ट्रेजरर स्वाति स्वरूपरिया ने कहा कि इस पहल से उदयपुर को एक महिला-हितैषी पर्यटन शहर के रूप में नई पहचान मिलेगी। जिससे देशी और विदेशी महिला पर्यटकों का विश्वास बढ़ेगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही, इन पिंक टॉयलेट्स के संचालन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।
उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल उदयपुर में सफलतापूर्वक लागू होता है, तो इसे देश के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी अपनाया जा सकता है और यह पूरे भारत के लिए एक आदर्श बेंचमार्क बन सकता है। साथ ही इससे उदयपुर प्रदेश का पहला शहर भी बन सकता है, जहां पर महिलाओं के लिए विशेष पिंक टॉयलेट स्थापित किए गए है।
अर्ली बर्ड कूरियर सर्विस से भेजे गए हैं पत्र
आपको बता दें कि यह सभी प्रस्तावित पत्र अर्ली बर्ड कूरियर सर्विस के माध्यम से संबंधित कार्यालयों तक भेजे गए, जिसमें कूरियर सर्विस के संचालक कैलाश नामदेवानी की टीम का विशेष सहयोग रहा, वहीं टीम सदस्य दिलीप कुमार ने इन पत्रों को अशोका पैलेस कार्यालय से प्राप्त कर आगे भेजे हैं।