उदयपुर | विज्ञान समिति के प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ की मासिक बैठक दिनांक 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई। ‘उम्र का योगदान: विरासत का संरक्षण’ पर वार्ताकार इंजी. गौरव सिंघवी, समन्वयक इन्टेक उदयपुर संभाग ने अपने उद्बोधन में बताया कि विरासत की चर्चा हमेशा घर से शुरू करनी चाहिए। आने वाली पीढ़ियों को इसकी जानकारी देते हुए उन्हें हर संरक्षण कार्यक्रम से जोड़ना, त्यौहारों को एक साथ मनाना तथा पारंपरिक भाषा, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन और पहनावे को बच्चों के साथ साझा करना आवश्यक है। बुजुर्ग अपने अनुभवों को कहानियों के रूप में सुनाएं तथा पारंपरिक लोकगीत बच्चों को सिखाएं। माता-पिता, दादा-दादी व नाना-नानी बच्चों को अच्छे संस्कार प्रदान करें। उन्होंने मुख्य रूप से आधुनिकता एवं विरासत के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की कार्यक्रम अध्यक्षता इंजी. आर. के. चतुर्वेदी ने की, वार्ताकार का परिचय डॉ. के. पी. तलेसरा ने दिया, संयोजन मुनीश गोयल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आर. के. गर्ग ने किया।
इस कार्यक्रम में विज्ञान समिति के डॉ. के. एल. कोठारी, डॉ. के. एल. तोतावत, शांतिलाल भंडारी, इंजी. एस. सी. के. वैद्य, डॉ. बी. एल. चावला, डॉ. सुजान सिंह, इंजी. आर. के. खोखवट आदि गणमान्य सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।