उदयपुर। प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर (PRSU) के मुख्यालय पर रविवार, 3 मई 2026 को शाम 6:00 बजे एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया जिसमें गहन मंथन के पश्चात 'प्रकृति एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026' की घोषणा की गईं
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की इस बैठक में विशेषज्ञों की समिति ने 22 अप्रैल 2026 को 'पृथ्वी दिवस' के अवसर पर देश के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित पर्यावरण स्थिरता गतिविधियों की समीक्षा की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समन्वयकों को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया। समिति ने राज्य, क्षेत्रीय और जिला स्तर के समन्वयकों द्वारा सोसाइटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण मिशन को आगे बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया।
विशेषज्ञ समिति में निम्न सदस्य थे :-
1. प्रो. एल. एन. हर्ष (पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर) — अध्यक्ष
2. प्रो. सवितस्मिता विलासराव चव्हाण (पूर्व अध्यक्षा एवं प्रोफेसर, भूगोल विभाग, मुंबई विश्वविद्यालय) — सदस्य
3. प्रो. ए. पी. मिश्रा (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, भूगोल विभाग, बीएचयू, वाराणसी) — सदस्य
4. प्रो. प्रदीप त्रिखा (पूर्व अध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, MLSU एवं उपाध्यक्ष, PRSU) — प्रभारी एवं सदस्य
5. श्री एच. एल. व्यास (सचिव, प्रकृति रिसर्च सोसाइटी एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर) — सदस्य
प्रकृति एक्सीलेंस अवार्ड्स - पृथ्वी दिवस 2026 के विजेता:
समिति की सिफारिशों के आधार पर, सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रो. पी. आर. व्यास ने आज शाम निम्नलिखित नामों की घोषणा की:
1- जिला स्तरीय केंद्र, प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर (PRSU) उत्तरकाशी: डॉ. सुमिता पंवार (जिला समन्वयक)
2-विशिष्ट केंद्र (जनजातीय क्षेत्र), प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर (PRSU) बांसवाड़ा (राजस्थान): प्रो. लक्ष्मण परमार (क्षेत्रीय समन्वयक)
3-क्षेत्रीय केंद्र, प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर (PRSU) उज्जैन (मध्य प्रदेश): डॉ. मोहन निमोले (क्षेत्रीय समन्वयक)
4- राज्य स्तरीय केंद्र, प्रकृति रिसर्च सोसाइटी उदयपुर (PRSU) श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड): प्रो. बी. पी. नैथानी (राज्य समन्वयक)
सोसाइटी के सचिव श्री एच. एल. व्यास ने बताया कि ये पुरस्कार उन केंद्रों को दिए गए हैं जिन्होंने पृथ्वी दिवस पर जमीनी स्तर पर पर्यावरण जागरूकता और स्थिरता के लिए अनुकरणीय कार्य किया है।