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आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक साइकिल चलाकर पहुंचे कॉलेज

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18 May 26
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आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक साइकिल चलाकर पहुंचे कॉलेज

उदयपुर। रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में आज सुबह उस समय हर कोई हैरान रह गया, जब कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन अपनी सरकारी या निजी गाड़ी के बजाय खुद साइकिल पैडल करते हुए परिसर पहुंचे। डॉ. जैन की इस सादगी और अनूठी पहल ने पूरे मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को हतप्रभ करने के साथ-साथ एक बहुत बड़ा और गंभीर संदेश दे दिया है। यह कोई एक दिन का पब्लिसिटी स्टंट या फोटो-अप नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश के नेतृत्व की सोच को धरातल पर उतारने का एक संकल्पित प्रयास है।
पीएम मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा के आह्वान को दी धरातलीय मजबूती
डॉ. राहुल जैन ने इस अवसर पर संस्थान के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश दिया कि हमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस आह्वान को पूरी निष्ठा से अपनाना होगा, जिसमें उन्होंने देश के ईंधन संसाधनों (फ्यूल रिसोर्सेज) के संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा की बात कही है। देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना सिर्फ सीमा पर खड़े रहने वाले सैनिकों का काम नहीं है, बल्कि संकट के हर समय में देश का स्वास्थ्य कर्मी हमेशा फ्रंट-एंड (अग्रिम पंक्ति) पर खड़ा रहा है। चाहे वह कोविड महामारी का दौर रहा हो या कोई अन्य आपातकाल, हमने हमेशा देश को राह दिखाई है। अब समय आ गया है कि हम ईंधन संकट और बिगड़ते पर्यावरण के खिलाफ भी देश के लिए आगे आएं।
पहली प्राथमिकता मरीज और उनके परिजन, पार्किंग संकट का होगा समाधान
डॉ. जैन ने एक कड़वी और प्रशासनिक सच्चाई को सामने रखते हुए कहा कि आर.एन.टी. कैंपस में लगातार जगह की कमी हो रही है, जो अक्सर समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया- संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय होने के नाते हमारी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता वे गरीब और जरुरतमन्द मरीज हैं, जो उदयपुर संभाग के दूर-दराज और ग्रामीण जनजाति इलाकों से इलाज की उम्मीद में यहाँ आते हैं। उनके साथ आए परिजनों को अक्सर अस्पताल परिसर में पार्किंग की भीषण समस्या का सामना करना पड़ता है। यदि हम सब अपनी गाड़ियाँ घर छोड़ दें, तो वह कीमती जगह इन मरीजों और एम्बुलेंस के लिए सुलभ हो सकेगी।
कार-बाइक पूलिंग को बनाएं आदत, केवल संकट काल तक ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक ने अपील की कि कॉलेज के जितने भी अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी एक ही रूट या आस-पास के क्षेत्रों से आते हैं, वे अपनी पूरी क्षमता के साथ कार-पूलिंग या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। यह व्यवस्था केवल मौजूदा ईंधन संकट के खत्म होने तक नहीं, बल्कि भविष्य में भी हमारे जीवन का परमानेंट हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी कैंपस के आस-पास रहते हैं, वे साइकिल या पैदल आने की आदत डालें। एक स्वास्थ्य संस्थान होने के नाते हम इस बात को सबसे बेहतर समझते हैं कि साइकिल चलाना और पैदल चलना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है। एक पब्लिक हेल्थ सर्वेंट होने के नाते समाज को प्रेरित करने का यह हमारा नैतिक दायित्व है।

विभागाध्यक्षों को रणनीति बनाने के निर्देश बेहतर प्रयास करने वालों को मिलेगा प्रधानाचार्य ऑफिस से
सम्मान
डॉ. राहुल जैन ने सभी विभागाध्यक्षों और चिकित्सालय अधीक्षकों से व्यक्तिगत रूप से अपील की है कि वे अपने-अपने स्तर पर विभागीय बैठकें आयोजित करें और स्टाफ को कार-पूलिंग व सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए मोटिवेट (प्रेरित) करने की रणनीति बनाएं। इस अनूठी और वास्तविक मुहिम को बढ़ावा देने के लिए प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक ने एक बड़े प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस मुहिम को पूरी ईमानदारी से अपनाकर मिसाल पेश करेंगे, उन्हें प्रधानाचार्य ऑफिस की तरफ से विशेष रूप से सम्मानित और प्रशंसित किया जाएगा।


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