नर्स मरीज के साथ अधिक निकट रहती है और अधिक समय तक रहती है और मरीज से भावात्मक लगाव भी अधिक होता है।
नर्स को नशे की जानकारी है तो अधिक समय तक साथ रहने पर शीघ्र पता कर सकती है और मरीज को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। इस हेतू आज वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पी सी जैन जो तीन दशकों से नशा मुक्ति अभियान में लगे हैं उन्होंने आज पारस अस्पताल में उपस्थित नर्सो को विभिन्न नशे को प्रारंभिक अवस्था में कैसे पहचाने यह अपने प्रेजेंटेशन में बताया।
नशे का इलाज न करने के बारे में तीन तरह के डर बताएं,1, विड्रॉल सिंपटम कैसे सहन करूंगा?,2, नशा मुक्ति का इलाज न जाने कैसे होगा?3, नशा मुक्ति का इलाज का औरों को पता चल जाएगा? इन तीनों भय, डर, से नर्स भावात्मक रूप से जुड़कर डर को दूर कर नशा छुड़ाने की प्रेरणा दे सकती है,। देश में बढ़ते नशे की रोकथाम में नर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती सकती है। कार्यक्रम का संचालन सत्यनारायण मेनारिया एवं डॉ वैशाली बोदल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में सभी ने मिलकर," नशा गीत नृत्य के साथ संपन्न किया।
नशा गीत,नृत्य में पूजा नागदा,प्रिंस कलाल, वली उल्लाह अहमद,अनीता कटल,दिया छैत्रि ने भाग लिया।
डॉ पी सी जैन