मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

33 दिन तक चलेगा नेत्र शिविर, सवा लाख से अधिक लोगों की आंखों की निःशुल्क होगी जांच

जैसलमेर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बाबा रामदेव जी ने सामाजिक समरसता की स्थापना करने और समाज में गरीब एवं वंचित लोगों की पीड़ा दूर करने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस धरा पर नेत्र कुंभ का आयोजन बाबा रामदेव जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा और मानव कल्याण के उनके आदर्शों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

श्री शर्मा गुरूवार को जैसलमेर के रामदेवरा में आयोजित नेत्र कुंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा सेवा जीवन में फिर से उजाले भरने जैसा पुण्य कार्य है। यह जनकल्याण और मानव सेवा की मिसाल है, जो सभी वर्गों के लिए समर्पित है।

बाबा रामदेव मेले में श्रद्धालुओं की आंखों की निःशुल्क जांच

श्री शर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति एवं त्योहारों में सेवा का भाव सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि लोकदेवता बाबा रामदेव जी के मेले के शुभ अवसर पर आंखों के इलाज के लिए महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। 1 अगस्त से 2 सितम्बर तक चलने वाले इस शिविर में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आंखों की जांच निःशुल्क की जाएगी। साथ ही, 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आंखों का निःशुल्क ऑपरेशन उनके निवास के नजदीक चिकित्सालय में कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।

 

लोगों के जीवन में उजियारा ला रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय हमारी नीतियों का प्रमुख ध्येय है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने पिछले डेढ़ साल में अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नेत्र स्वास्थ्य को लेकर हमारी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है ताकि प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियांे की रोशनी फैलती रहे। प्रदेश में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी तथा नेत्र चिकित्सकों और सहायकों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण और अत्याधुनिक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से कॉर्निया प्रत्यारोपण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे हजारों लोगों के जीवन को उजियारा मिल रहा है।

मा योजना में प्रतिदिन 10 हजार लोगों को मिल रहा कैशलेस उपचार

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) के माध्यम से गरीब

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