जैसलमेर। राजस्थान सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और राज्य को हराभरा बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियानरू हरियाळो राजस्थान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर द्वारा जिले के मुख्यमंत्री पुनर्वास केंद्र पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनभागीदारी के साथ चलाए जा रहे इस जनआंदोलन के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने वृहद स्तर पर वृक्षारोपण के लिए खेजड़ी, नीम, अमलतास, गुलमोहर, शीशम आदि विभिन्न पौधों का रोपण किया।
इस दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि मानसून का मौसम चल रहा है, यह समय पेड़ लगाने और अपने पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पहल करने का है।ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ती दर के लिए वनों की कटाई एक बड़ी समस्या बन गई है। पेड़ तापमान को नियंत्रित करने और मौसम की स्थिति को वर्षा के अनुकूल बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं, साथ ही उन्होंने बताया कि जिससे वह शुद्ध होती है, और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जो जीवन के लिए आवश्यक है। जिले के किसानों में अधिकाधिक फल , फूल एवं छायादार पौधे को लगाने के लिए प्रोत्साहित करके इस वृहद वृक्षारोपण पहल को सार्थक एवं सफल बनाया जा सकता है। इस हरित पहल के परिणामस्वरूप अधिक से अधिक पेड़ लगाने पर पर्यावरण संरक्षण के साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
उल्लेखनीय हैं कि केंद्र द्वारा इस अभियान के तहत जिले में 10000 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम के दौरान 2000 पौधों का वितरण किया गया। सरकार के दिशानिर्देशनुसार लगाए गए पौधों को जी आई मैपिंग की सहायता से हरियालो राजस्थान एप में संख्या दर्ज की गई। कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. चारु शर्मा, डॉ. अतुल गालव एवं मुख्यमंत्री पुनर्वास केंद्र के कर्मचारी ने इस वृक्षारोपण अभियान में अपनी सफल भागीदारी निभाई।
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