जैसलमेर, एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) जैसलमेर द्वारा ग्राम बासनपीर में जूट प्रोडक्ट मेकिंग प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आरसेटी निदेशक राजेश चौहान ने किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निदेशक राजेश चौहान ने बताया कि एसबीआई आरसेटी वर्तमान में बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। संस्थान द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में 64 प्रकार के निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें बीपीएल परिवार, स्वयं सहायता समूह ;ैभ्ळद्ध की महिलाएँ तथा मनरेगा योजना से लाभान्वित परिवार भाग ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जूट उत्पाद आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों दृष्टियों से बेहद उपयोगी हैं। जूट से थैले, फाईल कवर, डेकोरेटिव आइटम, मैट्स एवं पर्स आदि जैसे कई प्रकार के टिकाऊ व आकर्षक उत्पाद तैयार किये जा सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट उत्पादों की बाजार में माँग तेजी से बढ़ती जा रही है। इस प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाएँ एवं युवक न केवल अपने घर-परिवार के लिए उपयोगी वस्तुएँ तैयार कर सकेंगे, बल्कि अतिरिक्त उत्पादन कर स्थानीय बाजार व मेलों में बेचकर अपनी आमदनी भी दुगुनी अर्जित कर पाएँगे। इस मौके पर प्रशिक्षण कार्यक्रम समन्वयक आरसेटी अनुदेशक ताजदार मिर्ज़ा द्वारा एवं् प्रशिक्षक राजकुमारी मीना उपस्थित रहे ।
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