जैसलमेर, ग्राम पंचायत उजलां में सुबह का वातावरण उत्साह से भरा था। ग्रामीण सेवा शिविर 2025 का आयोजन चल रहा था और चारों ओर उम्मीद एवं आशाओं का माहौल था। गांव के लोग अपनी-अपनी समस्याएँ लेकर आए थे, सबके चेहरों पर समाधान की आस झलक रही थी।

इसी बीच, गांव की एक महिला श्रीमती दरीया कंवर, अपने पति बुधकरण के साथ आगे बढ़ीं। उन्होंने साहस जुटाकर अपनी बात रखी कि “मेरा आवासीय भूखण्ड का पट्टा महीनों से लंबित है, कृपया मेरी मदद कीजिए।”

उनकी सरल व सच्ची आवाज़ ने शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी, पंचायत समिति सांकड़ा हनुमानराम का ध्यान खींचा। बिना देर किए उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। मौके पर ही मिशल पत्रावली का अवलोकन हुआ एवं नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की गई।

सरपंच अशोक कुमार उज्ज्वल और शिविर प्रभारी हनुमानराम ने दरीया कंवर को आवासीय भूखण्ड का पट्टा सौंपा। जैसे ही कागज़ उनके हाथों में आया, उनके चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता की चमक फैल गई।

भीड़ में बैठे ग्रामीणों ने तालियाँ बजाकर इस पल का स्वागत किया। सबकी जुबान पर एक ही बात थी कि “अब प्रशासन वाकई हमारे द्वार पर है, समस्याएँ यहीं हल हो रही हैं।”

दरीया कंवर की मुस्कान ने यह साबित कर दिया कि जब राज्य सरकार की योजनाएँ त्वरित कार्रवाई के साथ ज़मीन पर उतरती हैं, तो आमजन का जीवन बदल जाता है।

शिविर में लोगों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया एवं इस पहल को एक सच्चे मायनों में जनसेवा का उदाहरण बताया।

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