राज्य सरकार के निर्देशानुसार सेवा पखवाड़ा 2025 के दौरान जैसलमेर जिले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं हस्तशिल्प मेले का आयोजन “वोकल फॉर लोकल” थीम पर किया जा रहा है। यह मेला 27 से 30 सितम्बर तक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र द्वारा जैसलमेर फोर्ट क्षेत्र स्थित अखे प्रोल परिसर में आयोजित हो रहा है।

अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी ने शनिवार को फीता काटकर इस प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर रिको इंडस्ट्री के अध्यक्ष गोपीकिशन मेहरा, पत्थर मिनरल व्यापार संघ के सचिव जुगल बोहरा, सम रिसोर्ट एवं वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष के.के. व्यास, संभाग प्रभारी अमित ओझा, मनीष सांवल, महेश वाशु, हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के सचिव लक्ष्मीनारायण श्रीमाली, पत्थर उद्यमी उमाशंकर, हैंडीक्राफ्ट उद्यमी प्रतीक चांडक, प्रेमकुमार राठौड़, जिला प्रभारी खादी ग्रामोद्योग बोर्ड सहित अनेक उद्योगपति एवं शिल्पकार उपस्थित रहे।

इस मेले का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों एवं शिल्पकारों द्वारा निर्मित पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। इनमें प्रमुख हैं गोमट एवम थाट के पट्टू, बरडी, ऊनी शाल, साड़ी, कुर्ते, जैसलमेर के ओडीओपी उत्पाद पीले पत्थर के उत्पाद, पोकरण पोटरी के उत्पाद, चमड़े के उत्पाद, हेंडीक्राफ्ट, एप्लिक एवं पेचवर्क के उत्पाद एवं स्वरोजगार से जुड़े उत्पादो को प्रोत्साहित करना है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा साथ ही स्थानीय उत्पादों की बाजार में पहुंच मजबूत होगी।

कार्यक्रम में विभिन्न स्थानीय उत्पादो की स्टाल्स लगाई गई

अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं औद्योगिक संघ के पदाधिकारियों ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन कर शिल्पियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से लघु दस्तकारों एवं बुनकरों को बाजार और पहचान मिलेगी, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय उत्पादों की बाजार तक पहुंच मजबूत होगी।

इस अवसर पर आरईसी लिमिटेड, भारत सरकार के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, उपखंड अधिकारी सक्षम गोयल तथा सहायक निदेशक लोक सेवाएं रोहित वर्मा ने भी मेले का अवलोकन किया एवं स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने समस्त शहरवासियों से अपील की कि नवरात्रा के पावन अवसर पर उद्योग विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का सपरिवार अवलोकन करें तथा “लोकल फॉर वोकल” की भावना के अनुरूप स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त बनाने में सहयोग प्रदान करें।

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