जैसलमेर। जिला कलक्टर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम पंचायत रामदेवरा, पोकरण में 24 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले पारंपरिक एवं ऐतिहासिक रामदेवरा पशु मेले की सफल, सुचारू एवं व्यवस्थित आयोजना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेले की व्यवस्थाओं, तैयारियों एवं आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

      जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि मेले में आने वाले पशुपालकों, व्यापारियों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि रामदेवरा पशु मेला क्षेत्र का प्रमुख आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में पशुपालक एवं आमजन भाग लेते हैं, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक अपनी भूमिका निभाएं।

      उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, पशु चिकित्सालय, एम्बुलेंस एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

      जिला कलक्टर ने पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन, चिकित्सा सेवाएं, आपदा प्रबंधन, पार्किंग, आवागमन मार्ग, पशु ठहराव स्थल एवं अस्थायी बाजार की व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही नगर पालिका एवं संबंधित विभागों को मेले के दौरान नियमित साफ-सफाई, कचरा निस्तारण एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

    बैठक में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वरंगटीवार ने मेले की तैयारियों एवं विभागीय व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि जैसलमेर पशुधन बाहुल्य जिला है, जहां लगभग 4 लाख गौवंश, 11 लाख बकरी, 7 लाख भेड़ एवं 32 हजार ऊंट सहित बड़ी संख्या में अन्य पशुधन है। जिले की अधिकांश आबादी की आजीविका पशुपालन पर आधारित है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह पशु मेला पशुपालकों को एक ही स्थान पर पशुओं की खरीद-फरोख्त का बेहतर अवसर प्रदान करता है। विशेष रूप से जैसलमेर की प्रसिद्ध थारपारकर गाय की देशभर में मांग होने से पशुपालकों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है।

    उन्होंने बताया कि मेले के दौरान उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिताएं एवं श्रृंगार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट पशुपालकों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा। मेले के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं।

     बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी, डॉ. सुरेन्द्र सिंह तंवर (पशुपालन विभाग), संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. जे.आर. भाकर, एसई विद्युत विभाग भैराराम चौधरी, सीएमएचओ डॉ. राजेन्द्र पालीवाल, ईओ नगर पालिका पोकरण झब्बर सिंह, तहसीलदार हजारा राम, बीडीओ हनुमान राम, पर्यटन विभाग से खेमेन्द्र सिंह, आयुष विभाग के डॉ. हेमतोश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे एवं अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।   

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