जैसलमेर। विद्युत विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता के अध्यक्ष एवं पीठासीन अधिकारी पवन कुमार ओझा एवं सदस्य रमेश कुमार गौड की पीठ ने विभाग को आदेशित किया गया कि विभाग द्वारा परिवादी को हुए नुकसान रुपये 3,95,000/- रुपये की भरपाई मुआवजा देकर अदा करे। परिवादी को हुई मानसिक परेशानी क्षतिपूर्ति पेटे रुपये 10,000/- व परिवाद व्यय पेटे रुपये 3,000/- आदेश की पालना निर्णय की तिथि से 45 दिन में की जावें। 45 दिन में अदा नहीं करने पर सम्पूर्ण देय राशि पर ताअदायगी 9 प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करे। आयोग के निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि परिवादी रूग सिंह, थईयात, जैसलमेर जो विद्युत विभाग का निरंतर उपभोक्ता है व विद्युत बिलों की अदायगी समय-समय पर की जाती रही है परिवादी के घर की विद्युत कनेक्शन की तार अचानक पास में उपर चल रही बासनपीर कृषि लाईन की एचटी लाईन से संपर्क में आने के कारण घर में विद्युत सप्लाई कनेक्शन में हाई टेशन करंट प्रवाहित हुआ जिससे घर में रखा सामान फ्रीज, कूलर, आटा चक्की, 50 बोरी ज्वार, 40 बोरी बाजरी, पलंग, कपड़े, प्लास्टिक की कुर्सियां और एक भेड़ करंट आने से मर गयी। घटना की सूचना तुरंत बिजली विभाग व पुलिस को दी जिसमें पत्र द्वारा विद्युत बिल, आग से हुए नुकसान के फोटो, मृत भेड़ के फोटो, विभाग को पत्र द्वारा दी गयी रोजनामचा का विवरण फर्द मौका आगजनी, मृत भेड़ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतियां पेश की है, जिनसे आग लगना, आग से नुकसान होना, भेड़ मरना व परिवाद के वर्णित अनुसार अन्य नुकसान होना प्रमाणित है। परिवादी द्वारा कई बार बिजली विभाग से मुआवजे की मांग की गई, लेकिन विभाग द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया आयोग ने स्पष्ट किया कि विद्युत विभाग उपभोक्ता को सुरक्षित बिजली की आपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी है। विभाग की लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई करना उसका दायित्व है।

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