जैसलमेर। भारत की प्रस्तावित भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जिले में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। 16 से 18 फरवरी तक आयोजित यह प्रशिक्षण कॉन्फ्रेंस हॉल, कार्यालय उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना (आत्मा), रामगढ़, जैसलमेर में सम्पन्न हुआ।

          प्रशिक्षण में नगर परिषद, नगर पालिका एवं तहसील स्तर पर नियुक्त नियमित सहायकों को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी संचालन, डेटा संकलन की शुद्धता एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

          जनगणना निदेशालय से आए उपनिदेशक लोकेश जैन एवं त्रिलोक चंद मास्टर (डीपीएपी) द्वारा प्रतिभागियों को डिजिटल एप्लीकेशन, पोर्टल संचालन, डेटा एंट्री की सावधानियां एवं फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों के समाधान पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में हैंड्स-ऑन अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया गया।

           जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर परसाराम तथा उप जिला जनगणना अधिकारी एवं उप निदेशक राजेन्द्र मेघवाल ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जानकारी को पूर्ण सावधानी, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य की नीतियां सटीक और प्रभावी बन सकें।

          कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को जनगणना की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने निष्पक्षता, गोपनीयता और पूर्ण निष्ठा के साथ दायित्व निर्वहन का संकल्प लिया।

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