जैसलमेर। आगामी 11 अप्रैल से 5 मई 2026 तक प्रस्तावित पूर्ण नहरबंदी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इसी क्रम में जिला कलक्टर रश्मि रानी की अध्यक्षता में नहर परियोजना एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

        बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि 11 अप्रैल से पूर्व नहरों की पोंडिंग के साथ-साथ जलदाय विभाग की डिग्गियों में पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नहरबंदी अवधि के दौरान आमजन को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

      उन्होंने नहर विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया कि नहरों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए एवं पानी की चोरी की किसी भी संभावना को सख्ती से रोका जाए। साथ ही जलदाय विभाग को निर्देश दिए कि उपलब्ध सभी जल भंडारण संरचनाओं को पूर्ण क्षमता तक भरना सुनिश्चित करें।

      बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता रामअवतार मीणा ने जानकारी दी कि 11 अप्रैल तक आंशिक नहरबंदी रहेगी, जिसके पश्चात 10 मई तक पूर्ण नहरबंदी प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नहरों की पोंडिंग में पर्याप्त जल संग्रहण किया जा चुका है एवं निरंतर पेट्रोलिंग भी की जा रही है।

    अधीक्षण अभियंता जलदाय के.सी. मीणा ने बताया कि जिले की सभी डिग्गियों में पर्याप्त जल भंडारण सुनिश्चित कर लिया गया है एवं नहर से प्राप्त हो रहे जल का भी अधिकतम उपयोग करते हुए अन्य भंडारण स्रोतों में संग्रहण किया जा रहा है।

     बैठक में उपखण्ड अधिकारी सक्षम गोयल, सहायक कलक्टर रोहित वर्मा सहित नहर परियोजना एवं जलदाय विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

       जिला प्रशासन ने आमजन को आश्वस्त किया है कि नहरबंदी अवधि के दौरान पेयजल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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