जैसलमेर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफोर्मेटिंग ट्यूजडे मनाते हुए राज्य भर की स्कूलों में एक साथ न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के हितार्थ तथा साईबर सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं विभिन्न सामयिक समस्याओं एवं मुद्दों पर किशोरों एवं युवाओं से संवाद एवं समाधान पर पंहुचने के लिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत में जिला शिक्षा कार्यालय एवं न्यायालयों के संयुक्त तत्वावधान में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन एवं सचिव विजेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विद्यार्थियो में मादक पदार्थों से बचाव के लिए जागरूकता तथा संपूर्ण जैसलमेर में ‘‘’ ’बाल विवाह रोकथाम अभियान’’ चलाया जा रहा है। अभियानों के तहत पूरे जिलेभर में गाव-गांव ढाणी - ढाणी विधिक जागरूकता शिविर, रैलियां, साईक्लोथॉन, प्रभात फेरियां आयोजित कर अभियानों का जोर - शोर से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक आमजन लाभान्वित हो सके। इस क्रम में विद्यालयों में ’’कोर्ट वाली दीदी’’ नाम से शिकायत पेटिकाएं स्थापित की जा रही है ताकि बालक-बालिकाएं अपनी समस्याओं से विधिक सेवा प्राधिकरण को सीधे प्रेषित कर सकें।
आयोजित होने वाले इस विधिक साक्षरता शिविरों में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रसारित साईबर दुरूपयोग एवं बचाव विषयक साहित्य वितरित किया जाएगा साथ ही भारतीय संविधान में प्रदत्त नागरिकों के मूल अधिकार व कर्तव्य, बालकों के कानूनी अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मुफ्त विधिक सहायत इत्यादि कानूनों विषयों के बारे में आमजन भाषा में सरल रूप से जानकारियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बचपन बचाओं आंदोलन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में पूर्व में जारी निर्देशों तथा शराब और मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के लिए सामाजिक रक्षा सेवाओं के लिए सहायता योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मादक पदार्थ जीवन एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इन पदार्थों के सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को समान अवसर तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 क में निहित भावना ’न्याय सबके लिए’ की संकल्पना को साकार करने के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इस कार्यक्रम को अपने हाथ में लेकर सम्पूर्ण राजस्थान में योजना को मिशन मोड में कार्यान्वित कर रहा है। विद्यार्थियों का पोक्सो एक्ट, बालकों के कानूनी अधिकार एवं किशोर न्याय कानूनों के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा।
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