उदयपुर में दुर्लभ सेरेब्रोवैस्कुलर डिसऑर्डर के लिए पहली EDAS प्रक्रियाओं में से एक सफल होने से स्ट्रोक मरीजों के लिए जगी नई उम्मीद
उदयपुर: एडवांस्ड न्यूरोसर्जिकल देखभाल में एक अहम उपलब्धि साबित करते हुए पारस हेल्थ उदयपुर ने मोयामोया बीमारी के इलाज के लिए एक दुर्लभ एन्सेफेलोडुरोआर्टेरियोसिनैंगियोसिस (EDAS) सर्जरी को सफलतापूर्वक किया है। मोयामोया बीमारी एक जटिल और अनोखी सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी है। माना जा रहा है कि यह उदयपुर में की गई पहली EDAS सर्जरी में से एक है। यह कामयाबी दक्षिणी राजस्थान में स्पेशलाइज्ड सेरेब्रोवैस्कुलर केयर की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
मरीज़ का नाम मुकेश (नाम बदला हुआ) है। वह उदयपुर के पारस हेल्थ में इलाज करवाने से पहले बार-बार स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज की समस्या से जूझ रहे थे। व्यापक क्लिनिकल जांच के बाद न्यूरोसर्जरी के डायरेक्टर और HOD डॉ. अजीत सिंह की न्यूरोसर्जिकल टीम ने उनकी दुर्लभ EDAS सर्जरी की। इसमें सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. संतोष गुप्ता और कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. एस. आर. चौधरी का भी सहयोग था। यह उपलब्धि इस इलाके में स्पेशल न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोसर्जिकल केयर को आसान बनाने के हॉस्पिटल के समर्पण को और मज़बूत बनाता है। इससे मरीज़ों को गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की ज़रूरत कम हो जाती है।
पूरी न्यूरोलॉजिकल जांच और सेरेब्रल एंजियोग्राफी (एक खास इमेजिंग टेस्ट जो दिमाग की खून की नसों को दिखाता है) के बाद मरीज़ को मोयामोया बीमारी का पता चला। यह एक बहुत कम होने वाली और बढ़ने वाली सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी है। यह भारत में हर एक लाख लोगों में लगभग 4 से 5 लोगों को होती है। इस बीमारी की वजह से दिमाग को खून सप्लाई करने वाली आर्टरीज़ धीरे-धीरे सिकुड़ती जाती हैं, जिससे दिमाग में खून का बहाव कम होने से इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है, और इंट्राक्रेनियल हेमरेज, या खोपड़ी या दिमाग के अंदर ब्लीडिंग होती है।
मरीज़ के परिवार के साथ इलाज के अलग-अलग विकल्पों पर बात करने के बाद क्लिनिकल टीम ने EDAS की सलाह दी। यह एक एडवांस्ड इनडायरेक्ट रीवैस्कुलराइज़ेशन सर्जरी है। यह नई कोलेटरल ब्लड वेसल बनने को बढ़ावा देती है, और समय के साथ धीरे-धीरे दिमाग में ख़ून की सप्लाई ठीक करती है।
पारस हेल्थ उदयपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग के HOD और डॉयरेक्टर डॉ अजीत सिंह ने कहा, “मोयामोया बीमारी एक आम लेकिन जानलेवा बीमारी है जो खासकर कम उम्र के मरीज़ों में अक्सर बार-बार स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज के साथ होती है। परमानेंट न्यूरोलॉजिकल डैमेज को रोकने के लिए जल्दी डायग्नोसिस और समय पर इलाज बहुत ज़रूरी है। EDAS एक असरदार रीवैस्कुलराइज़ेशन प्रक्रिया है जो दिमाग को प्राकृतिक नई ब्लड वेसल बनाने के लिए बढ़ावा देता है, जिससे समय के साथ ब्लड फ्लो बेहतर होता है और भविष्य में स्ट्रोक का खतरा कम होता है। इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक करना, मरीज़ों को घर के पास एडवांस्ड न्यूरोसर्जिकल केयर देने के हमारे समर्पण को दिखाता है।”
पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डॉयरेक्टर श्री अनुभव सुखवानी ने इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह सफल सर्जरी पारस हेल्थ उदयपुर के मल्टीडिसिप्लिनरी एक्सपर्टीज़ के साथ एडवांस्ड, एविडेंस-बेस्ड हेल्थकेयर देने के समर्पण का एक और सबूत है। हम लगातार इस क्षेत्र में बहुत ज़्यादा स्पेशलाइज़्ड इलाज को आसान बनाने की कोशिश करते हैं ताकि मरीज़ों को जटिल प्रक्रियाओं के लिए बड़े शहरों में जाने की ज़रूरत न पड़े। हमारा फ़ोकस क्लिनिकल एक्सीलेंस, टेक्नोलॉजी और अनुभवी स्पेशलिस्ट में निवेश करने पर है ताकि हम जिन कम्युनिटीज़ की सेवा करते हैं, उन्हें वर्ल्ड-क्लास देखभाल दे सकें।”
प्रक्रिया के दौरान सर्जिकल टीम ने लगभग 1.5 mm डायमीटर वाली सुपरफिशियल टेम्पोरल आर्टरी को बहुत ध्यान से अलग किया और बचाकर रखा। इसके लिए बहुत ज़्यादा माइक्रोसर्जिकल सटीकता की ज़रूरत थी। फिर खोपड़ी में एक छोटा सा छेद बनाया गया, और आर्टरी को दिमाग की सतह पर रखा गया ताकि धीरे-धीरे नई कोलेटरल ब्लड वेसल बन सकें, जिससे दिमाग का सर्कुलेशन बेहतर हो और भविष्य में स्ट्रोक का खतरा कम हो। डॉ. अबीज़र की लीडरशिप में एनेस्थीसिया टीम ने पूरी सर्जरी के दौरान ब्लड प्रेशर का बहुत ध्यान से मैनेजमेंट किया। इससे पेरिऑपरेटिव स्ट्रोक (सर्जरी के दौरान या तुरंत बाद होने वाला स्ट्रोक) का खतरा कम करने में मदद मिली।
सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई और मरीज़ बिना किसी परेशानी के ठीक हो गया। उसे दो दिन बाद छुट्टी दे दी गई और उम्मीद है कि नियमित फ़ॉलो-अप के तहत वह ठीक होता रहेगा।
इस दुर्लभ मामले के सफल इलाज के साथ पारस हेल्थ उदयपुर राजस्थान में एडवांस्ड ब्रेन और स्पाइन केयर के लिए एक भरोसेमंद सेंटर के तौर पर अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है। अनुभवी स्पेशलिस्ट्स की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के साथ यह हॉस्पिटल न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोसर्जिकल इलाज की विशेषज्ञ सुविधाएँ देता है, जिससे मरीज़ों को घर के पास ही जटिल इलाज की सुविधा मिल पाती है।
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पारस हेल्थ उदयपुर ने मोयामोया बीमारी के लिए दुर्लभ सफल ब्रेन सर्जरी करके न्यूरोसर्जिकल केयर में रचा कीर्तिमान
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