श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डॉ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्ति श्रीगंगानगर अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खखां में गुरूवार को नशा मुक्ति एवं युवा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव के प्रति सचेत करना रहा।
कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि नशा हमारे देश की युवा शक्ति को खोखला कर रहा है और यह आने वाले समय में सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। नशा केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की हार है। सीमा की रक्षा सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि स्वच्छ विचारों और सशक्त युवाओं से होती है। हमें याद रखना होगा कि हमारे सैनिक देश के लिए जान देते हैं और हमें अपने जीवन से नशे को मिटाकर उन्हें सम्मान देना है।
कार्यशाला में छात्रों को नशे के कारण, प्रभाव, पहचान और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवी वर्षगांठ के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता में ज्यादा से ज्यादा भाग लेने का भी आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने नशा नही करने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली। (

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