श्रीगंगानगर। रेलवे में वर्षों पुराना सिस्टम रहा है कि एक जंक्शन से रवानगी करने वाली ट्रेन वहां अन्य दिशा से आने वाली दूसरी ट्रेन के आगमन समय के बाद रवाना होती थी। इसे ट्रेन कनेक्टिविटी माना जाता रहा है। जंक्शन स्टेशन होने का असल मतलब भी यही होता है, लेकिन पिछले कुछ समय से रेलवे के अलग-अलग जोन के परिचालन विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी पर उतरे हुए लग रहे हैं।
हालिया उदाहरण श्रीगंगानगर से चलकर अबोहर, बठिंडा होते हुए हरिद्वार जाने वाली दैनिक इंटरसिटी एक्सप्रैस के समय में किए गए बदलाव का है, जिसने पंजाब की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। महज 5 मिनट के अंतर ने यात्रियों को 2 घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करने को मजबूर कर दिया है। इस बदलाव से न केवल यात्रियों का समय और सुविधा प्रभावित हुई है, बल्कि रेलवे के राजस्व पर भी प्रतिकूल असर पडऩे की बात सामने आ रही है।
इस बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजस्थान के श्री सालासर धाम और श्री खाटूधाम की यात्रा के लिए जाते हैं। वापसी में ये यात्री रींगस स्टेशन से शाम लगभग 7.11 बजे चलने वाली गाड़ी संख्या 14702 अरावली एक्सप्रैस से सवार होकर सुबह 4.15 बजे श्रीगंगानगर पहुंचते थे। पहले श्रीगंगानगर से 4.20 बजे रवाना होने वाली हरिद्वार इंटरसिटी से यात्री आसानी से अबोहर, मलोट, बठिंडा, धूरी, बरनाला और पटियाला जैसे शहरों तक पहुंच जाते थे। लेकिन हाल ही में रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 14815 का श्रीगंगानगर से प्रस्थान समय 4.20 बजे से बदलकर 4.10 बजे कर दिया गया। इस परिवर्तन के कारण अरावली एक्सप्रैस से आने वाले यात्री हरिद्वार इंटरसिटी में सवार होने से वंचित रह जाते हैं। चूंकि अरावली एक्सप्रैस 4.15 बजे पहुंचती है, इसलिए मात्र 5 मिनट के अंतर के कारण उन्हें सुबह 6.10 बजे चलने वाली गाड़ी संख्या 12482 दिल्ली इंटरसिटी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे करीब दो घंटे स्टेशन पर ही बिताने पड़ते हैं।
यात्रियों का कहना है कि रातभर की लंबी यात्रा के बाद सुबह के समय 2 घंटे तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना बेहद कष्टदायक है। विशेषकर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे इस असुविधा से अधिक प्रभावित होते हैं। ठंड या गर्मी के मौसम में खुले प्लेटफॉर्म पर बैठना उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। कई बार बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत भी खराब हो जाती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक यात्रा से लौटते समय वे पहले ही शारीरिक रूप से थके होते हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त इंतजार उनकी मुश्किलें बढ़ा देता है। अबोहर के श्री श्याम प्रेमी रेल यात्रा संघ के प्रधान विजय दहूजा ने बताया कि हर माह ग्यारस तिथि को उनका दल खाटूधाम यात्रा पर जाता है, जिसमें दर्जनों यात्री शामिल होते हैं। वापसी में समय तालमेल की इस कमी के कारण सभी यात्रियों को भारी असुविधा उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि हरिद्वार इंटरसिटी का समय पुनरू 4.20 बजे कर दिया जाए तो यात्रियों को राहत मिल सकती है और रेलवे को भी राजस्व की हानी नहीं उठानी पड़ेगी। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाए और पूर्ववत समय लागू करेए ताकि सैकड़ों श्रद्धालुओं को राहत मिल सके और उनकी यात्रा सुगम बन सके।
जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा के अनुसार खाटू श्याम जीएसालासर से आने वाले श्रद्धालुओं सहित अन्य यात्रियों के लिए पैदा हुई इस समस्या से पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री निहालचंद को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही इस समस्या को अधिकारियों के समक्ष रखवाकर हरिद्वार इंटरसिटी का पुराना समय बहाल करवाने का प्रयास करेंगे।
Shri Ganga NagarNews
हरिद्वार इंटरसिटी का परिवर्तित समय पंजाब जाने वाले यात्रियों के लिए बन गया बड़ा सिरदर्द
रेलवे के परिचालन विभाग के अधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा की कर डाली अनदेखी
Related stories
KOTA MILITARY STATION ORGANISES KOTA GANDIV MARATHON 1.0 AS PART OF GANDIV GOLDEN JUBILEE CELEBRATIONS
Jaipur: As part of the Gandiv Golden Jubilee Celebrations, Kota Military Station organised the Kota Gandiv Ma…
Diver Victory Presentation’ Brings History Alive at Vidya Bhawan Polytechnic’s Meljol Mela
Udaipur: The life and reign of Maharana Pratap offer an inspiring example of good governance, financial manag…
Maternal and Child Health, Nutrition Top Government Priorities: Kharadi
Udaipur: The three-day Angan Seva Milan programme, organised under the Viksit Bharat–Jan Seva Abhiyan, conclu…
EXERCISE TARANG SHAKTI 2026: POWER IN PARTNERSHIP
Following the inaugural ceremony held yesterday, the Indian Air Force (IAF) is set to commence the operationa…