श्रीगंगानगर, राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप आमजन को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आयुर्वेद विभाग द्वारा संचालित ‘आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना‘ माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की एक अभिनव एवं दूरदर्शी पहल है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
श्रीगंगानगर जिले में योजना का क्रियान्वयन
वैद्य डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत श्रीगंगानगर जिले की पाँच ग्राम पंचायतों- नेतवाला, संगतपुरा, दुलापुर केरी (ब्लॉक श्रीगंगानगर), संघर (सूरतगढ़) एवं मीरगढ़ (घड़साना) को चिन्हित किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जन-जागरूकता के मानकों पर आदर्श के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बजट 2025-26 में शामिल, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित
वित्तीय वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में सम्मिलित इस योजना का उद्देश्य गांवों को केवल रोगमुक्त बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छ पर्यावरण और जागरूक सामाजिक व्यवहार का उदाहरण बनाना है। योजना के अंतर्गत 18 स्वास्थ्य सूचकांक निर्धारित किए गए हैं। इन सूचकांकों की पूर्णता प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
आयुर्वेद से स्वास्थ्य की ओर
आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। राजकीय आयुर्वेदिक औषधालयों के माध्यम से ग्रामीणों के प्रकृति परीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे उनकी शारीरिक संरचना के अनुरूप उपचार, परामर्श एवं जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
महिलाओं, किशोरियों एवं वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष फोकस
योजना के अंतर्गत महिलाओं एवं किशोरियों में रक्ताल्पता (एनीमिया) की जांच एवं उपचार, गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व देखभाल सेवाएं तथा संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जीवनशैली रोगों पर नियंत्रण
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसे जीवनशैली रोगों की समय रहते पहचान कर, रोगियों को खानपान एवं दिनचर्या में सुधार हेतु परामर्श दिया जा रहा है। तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
स्वच्छता, पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण
योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता एवं उनके रोपण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही सामान्य बीमारियों में घरेलू उपचार पद्धतियों को अपनाने हेतु ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भर स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा मिल सके।
समग्र स्वास्थ्य की दिशा में ठोस पहल
प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी निगरानी एवं मूल्यांकन संभव हो सके। इसके साथ ही टीबी एवं खसरा-रूबेला मुक्त ग्राम पंचायत, संपूर्ण टीकाकरण, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड वितरण तथा मोतियाबिंद रोगियों की जांच एवं उपचार जैसी गतिविधियाँ योजना को समग्र स्वरूप प्रदान कर रही हैं।
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आयुष्मान आदर्श ग्राम योजनाः स्वस्थ, स्वच्छ और जागरूक गांवों की ओर राजस्थान सरकार का नवाचार
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