उदयपुर। मानव मस्तिष्क की असीम क्षमताओं, ध्यान और विलक्षण स्मरण शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन आगामी 15 नवंबर 2026, रविवार को झीलों की नगरी उदयपुर में देखने को मिलेगा।
श्री जैन श्वेतांबर मू.पू. जिनालय समिति, हिरण मगरी सेक्टर-4 के तत्वावधान में भव्य ‘शतावधान प्रयोग’ का आयोजन नगर निगम परिसर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया रंगमंच (टाउन हॉल) में सुबह 8.30 बजे से किया जाएगा।समिति अयक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि शतावधान भारतीय प्राचीन साधना और प्रखर बौद्धिक क्षमता का वह चमत्कारिक प्रयोग है, जिसमें साधक का ध्यान एक साथ 100 अलग-अलग विषयों या गतिविधियों पर केंद्रित रहता है।
इस प्रयोग के दौरान साधक एक ही समय में पूछे गए 100 कठिन सवालों या क्रियाओं को क्रमवार याद रखते हैं और अंत में उसी सटीक क्रम में उनके उत्तर देते हैं।
यह चित्त की एकाग्रता, आत्म-शक्ति के प्रादुर्भाव और अद्भुत याददाश्त का जीवंत उदाहरण है।इस विशेष आध्यात्मिक व बौद्धिक प्रयोग को शतावधानी प.पू. मुनिश्री दिव्यप्रसन्नकीर्तिसागर म.सा. संपन्न करेंगे।
मुनिश्री प.पू. गच्छाधिपति आचार्य भगवंत गुरुमाता श्रीमद् सुबोधसागरसूरी म.सा. के अंतेवासी शिष्य एवं प.पू. आचार्य भगवंत श्री प्रसन्नकीर्तिसागर सूरीश्वरजी म.सा. के प्रशिष्यरत्न हैं।आयोजक समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं, प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से आह्वान किया है कि वे समय पर पधारकर ध्यान और तीव्र याददाश्त के इस अलौकिक व ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें।
इसी क्रम में समिति सदस्यों सुशील बांठिया,ईश्वर मेहता,अनिल भण्डारी,प्रमोद जैन,प्रमोद जैन,अतुल जैन,पंचम जैन,भविश गांधी व मनीष डूंगरवाल, श्रीजी लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ सेे सिटी पैलेस मे ंपोस्टर का विमोचन कराया।