उदयपुर । भारत स्काउट व गाइड राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड राज्य मुख्यालय जयपुर के तत्वावधान में मंडल प्रशिक्षण केंद्र उदयनिवास में आयोजित राज्य स्तरीय प्रेसीडेंट अवार्ड गाइड प्रमाण पत्र जांच शिविर के दूसरे दिन स्काउटिंग की सच्ची भावना और साहसिक कौशल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
पाँच दिवसीय शिविर में अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, जोधपुर, जालोर, पाली, उदयपुर, बाड़मेर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ सहित विभिन्न जिलों से 161 गाइड्स स्काउटिंग के सर्वाेच्च शिखर ‘राष्ट्रपति अवार्ड’ को पाने के लिए अपनी कला और निपुणता को परख रही हैं।सी ओ गाइड अभिलाषा मिश्रा ने बताया कि प्रातःकालीन वंदना और स्काउटिंग अनुशासन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत स्काउटिंग परंपरा के अनुसार ऊर्जावान बी.पी. व्यायाम से हुई।
इसके उपरांत, पायनियरिंग और कैंप क्राफ्ट की भावना को परखने के लिए गाइड्स के टेंट, हट, लेआउट और उनकी संपूर्ण टर्नआउट यूनिफॉर्म का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
नागौर जिले की गाइड्स द्वारा पारंपरिक और गरिमापूर्ण ढंग से ध्वजारोहण किया गया।प्रकृति के बीच स्काउटिंग कौशल: बिना कंपास और मोबाइल के दिशा ज्ञान की रोमांचक परीक्षास्काउट-गाइडिंग का मुख्य उद्देश्य विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनना है।
इसी उद्देश्य के तहत शिविर में एक बेहद रोचक और महत्वपूर्ण प्रायोगिक परीक्षा ली गई- बिना कंपास और बिना मोबाइल फोन के दिन व रात में दिशाओं का ज्ञान कैसे प्राप्त किया जाता है?
गाइड्स ने धु्रव तारे, सूर्य की स्थिति, प्रकृति के संकेतों और छाया विधि का उपयोग करते हुए सटीक दिशा ज्ञान का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही, राष्ट्रपति अवार्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप गाइड्स की लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षाएं भी ली गईं, जिनमें अनुमान लगाने, प्राथमिक सहायता, और संकट के समय काम आने वाली विभिन्न प्रकार की गांठें लगाने के परीक्षण शामिल रहे।शिविर संचालिका कल्पना शर्मा (सीओ गाइड, भरतपुर) ने कहा कि स्काउटिंग केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।
आज बिना गैजेट्स के दिशा ज्ञान और प्राथमिक सहायता जैसी परीक्षाओं में बालिकाओं का प्रदर्शन यह साबित करता है कि वे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।
मुख्य परीक्षक विमला खाती (एनएचक्यू ट्रेनर) ने मूल्यांकन के दौरान कहा, लिखित, मौखिक और प्रायोगिक तीनों आयामों में गाइड्स का अनुशासन और उनकी स्काउटिंग स्किल्स अत्यंत सराहनीय रही हैं।
यही दक्षता उन्हें ‘राष्ट्रपति अवार्ड’ के सही मायने में योग्य बनाती है।सहयोग एवं कुशल प्रबंधनपरीक्षक वंदना पांडे (उत्तर प्रदेश) के साथ अंजना भारतीय, निकिता यादव, रेखा शर्मा (सीओ गाइड, प्रतापगढ़), अंजना शर्मा, अंजलि चौहान एवं झिलमवती परीक्षण व मूल्यांकन के कार्यों में पूरा सहयोग दे रही हैं।
वहीं सहायक राज्य संगठन आयुक्त मनमोहन स्वर्णकार मंडल के नेतृत्व में यह शिविर का आयोजन किया जा रहा है। विशाल गुप्ता शिविर के सफल, अनुशासित और सुचारू संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।