शाइन फाउंडेशन द्वारा आमजन को नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को सावन माह में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। बीते दिनों भगवान कृष्ण को इस अभियान का "सारथी" बनाते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों में प्रेरणादायक पोस्टर्स लगाए गए थे।
उन पोस्टर्स से मिली प्रेरणा से अब तक 84 नेत्रदान, 170 अंगदान और 16 देहदान के संकल्प पत्र भरे जा चुके हैं।भगवान शिव के त्याग से मिली प्रेरणासावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने सृष्टि के समस्त जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए विषपान कर मानवता को जीवनदान दिया था।
उसी त्याग और परोपकार की भावना से प्रेरित होकर हाड़ौती संभाग के सैकड़ों नागरिकों ने भी "जीवन के बाद भी जीवन देने" का संकल्प लिया है।शाइन फाउंडेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कोटा को पहले से ही "नेत्रदानी नगरी" के नाम से जाना जाता है।
सावन में मंदिरों के माध्यम से चली इस मुहिम ने लोगों के मन में दान के प्रति डर और भ्रांतियों को दूर कर दिया है।एक संकल्प, अनेक जीवननेत्रदान से 2 लोगों को रोशनी, अंगदान से 8 लोगों को नया जीवन और देहदान से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिलती है।
एक व्यक्ति के संकल्प से दर्जनों परिवारों के आंसू थम सकते हैं।शाइन फाउंडेशन सभी संकल्प लेने वाले दानवीरों और उनके परिवारों को हृदय से नमन करता है।
संस्था का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हर घर में नेत्रदान-अंगदान को लेकर जागरूकता हो।
Source: other