गांधीनगर-देहगाम। एम. बी. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एवं जी. एम. एन. लालजी आर्ट्स कॉलेज, गांधीनगर-देहगाम, गुजरात के हिंदी विभाग द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. हितेश, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. प्रेरणा सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. हितेश ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी की रचनाएं आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनकी साहित्यिक कृतियां भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और लोकमंगल की भावना को मजबूत करती हैं।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रवि ने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि विद्यार्थी भारतीय साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस और विनय पत्रिका जैसी कृतियां लोकहित एवं लोकमंगल की भावना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम की संचालिका डॉ. प्रेरणा ने तुलसीदास जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सत्य, दया और भक्ति जैसे मूल्यों पर बल दिया। तुलसीदास जी ने सदैव लोकमंगल की कामना की और अपनी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से समाज को नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। काव्या, दामिनी, लक्ष्मी और रोशनी सहित विद्यार्थियों ने तुलसीदास जी के जीवन एवं साहित्य पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थी धवल ने तुलसीदास जी का सुंदर चित्र बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास जी की वाणी और उनकी कालजयी कृति रामचरितमानस का महत्व केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी उनकी रचनाओं का अध्ययन एवं सम्मान किया जाता है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारतीय साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा दी।