बांसवाड़ा | ज्योतिष एवं पौरोहित्य कर्म के अधिकांश विशेषज्ञों की राय में व्रती नारियों का परम्परागत वार्षिक पर्व हरितालिका तीज का व्रत 13 सितम्बर, रविवार को होगा।इस बारे में विद्वानों ने व्रतोद्यापन चन्द्रिका एवं व्रतराज के उद्धरणों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि हस्त नक्षत्र से युक्त तृतीया 13 सितम्बर को उपलब्ध है और इसी दिन हरितालिका का व्रत करना चाहिए।व्रतराज में स्पष्ट रूप से लिखा है -भाद्रे मासि सिते पक्षे तृतीया हस्तसंयुता।
तदनुष्ठानमात्रेण सर्वपापैः प्रमुच्यते।। 10 ।।(अर्थात् भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की जो तृतीया हस्त नक्षत्र से संयुक्त हो, उसके अनुष्ठान मात्र से मनुष्य समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।)वरिष्ठ ज्योतिर्विद एवं कर्मकाण्डी पं. अवध बिहारी भट्ट ने इस बारे में बताया कि विद्वजनों से हुई चर्चा एवं शास्त्रीय प्रमाणों के अनुसार अधिकतर निर्णयात्मक ग्रंथों के विश्लेषण के उपरान्त यह स्पष्ट हुआ है कि हरितालिका तीज व्रत 13 सितम्बर रविवार को ही होगा।उन्होंने बताया कि विद्वानों ने यह स्पष्ट किया है कि दो दिन तृतीया होने की स्थिति में दूसरे दिन तभी हरितालिका व्रत किया जा सकता है जब दूसरे दिन कम से कम एक मुहूर्त तृतीया उपलब्ध हो, लेकिन बांसवाड़ा एवं आस-पास के क्षेत्रों में दूसरे दिन तृतीया एक मुहूर्त से भी कम है इसलिए द्वितीय दिवस पर हरितालिका व्रत किया जाना अनुचित है।
लेकिन जिन क्षेत्रों में अगले दिन 14 सितम्बर, सोमवार को तृतीया एक मुहूर्त अथवा इससे अधिक समय तक तृतीया होगी, वहां 14 सितम्बर को हरितालिका तीज का व्रत मनाया जाएगा।
लेकिन चूंकि बांसवाड़ा एवं आस-पास के क्षेत्रों में 14 सितम्बर, सोमवार को उदयव्यापिनी तृतीया एक मुहूर्त से कम है, इसलिए हरितालिका तीज 13 सितम्बर, रविवार को होगी।इस बारे में विशेष जानकारी चाहें तो पं. श्री अवध बिहारी भट्ट से मोबाइल नम्बर - 9460378253 पर सम्पर्क किया जा सकता है।