उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उदयपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनकी नई शैक्षणिक यात्रा को यादगार बनाने के उद्देश्य से इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान नव आगंतुक छात्र छात्राओं का पारंपरिक रिति रिवाज के अनुसार कुमकुंम का टीका लगाकर स्वागत किया गया।
नए अकादमिक सत्र की विधिवत आगाज पेसिफिक मेडीकल यूनिवर्सिटी प्रेसिडेन्ट डॉ एम.एम.मंगल, पीएमसीएच प्रिंसिपल एंड कंट्रोलर डॉ.यू.एस. परिहार, डीन रिसर्च डॉ.आर.के पालीवाल एवं फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ.के.सी.यादव ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वल्लन करके किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का आत्मीय स्वागत के साथ ही विद्यार्थियों को तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिवार का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएं दी गईं।
तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रिंसिपल(यूजी) एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ.संजय नागदा ने नव आगंतुक छात्र छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के वातावरण से सहज रूप से जोड़ना तथा उनके मन में संस्थान के प्रति अपनत्व एवं विश्वास की भावना विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी के जीवन में महाविद्यालय में प्रवेश एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी अवधि में उसके भविष्य के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन की आधारशिला तैयार होती है।
ऐसे में नए विद्यार्थियों को सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करना आवश्यक है।
इस दौरान फैकल्टी ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ.के.सी.यादव ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी परिवार में हार्दिक स्वागत किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नर्सिंग एक सम्मानजनक एवं जिम्मेदारीपूर्ण व्यवसाय है, जिसमें सेवा भावना के साथ ज्ञान और स्किल का विशेष महत्व है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डॉ.यादव ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए अनुशासन, निरंतर परिश्रम, समय का सदुपयोग और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सुनील जोशी, प्रिंसिपल(पीजी) ने नवआगंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए नर्सिंग शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही प्रदान नहीं करती, बल्कि उनमें व्यावहारिक कौशल, संवेदनशीलता, सेवा भावना और व्यावसायिक जिम्मेदारी का भी विकास करती है।
उन्होंने कहा कि एक योग्य नर्स स्वास्थय सेवा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होती है और इसलिए विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
शैक्षणिक प्रभारी डॉ.हरीश कुमार कुमावत ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं परिश्रम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में नियमितता और निरंतरता सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, अध्ययन के प्रति गंभीर रहने तथा शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को आत्मसात करने का आह्वान किया।
एडमिनिस्ट्रेटर विशाल चौहान ने बताया कि स्वागत एवं ओरिन्टेशन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों में अपनत्व, आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। साथ ही विद्यार्थियों को उनके नए शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराते हुए उन्हें महाविद्यालय की संस्कृति एवं मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में चेतना पालीवाल,विवेक चौबीसा,गजेन्द्र सरगडा,धनराज प्रजापत,भूमि निमावत,इशिका वैष्णव,दीपिका वसीटा,अनामिका पंवार,आर्यन मेनारिया,कुणाल लौहार का योगदान रहा। मंच संचालन खुशवू वैष्णव ने किया।