उदयपुर। चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर में पहली बार EUS (एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड) गाइडेड कॉइल एवं ग्लू थेरेपी के जरिए जानलेवा गैस्ट्रिक वैरिक्स का सफल उपचार किया गया। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. कार्तिकेय माथुर ने इस जटिल एवं अत्याधुनिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस उपलब्धि के साथ पोर्टल हाइपरटेंशन से जूझ रहे मरीजों के लिए उदयपुर में ही एक आधुनिक, सटीक और मिनिमली इनवेसिव उपचार विकल्प उपलब्ध हो गया है।

हाल ही में एक्स्ट्रा-हेपेटिक पोर्टल वेन ऑब्स्ट्रक्शन (EHPVO) से पीड़ित एक मध्यम आयु की महिला मरीज में पेट की बड़ी गैस्ट्रिक वैरिक्स का उपचार किया गया। EHPVO में पोर्टल शिरा में रुकावट के कारण दबाव बढ़ जाता है, जिससे पेट और भोजन नली की नसें असामान्य रूप से फूल सकती हैं। ऐसी वैरिक्स से अचानक गंभीर रक्तस्राव का खतरा रहता है।

इस प्रक्रिया में EUS की मदद से वैरिक्स और उसमें होने वाले रक्त प्रवाह को प्रत्यक्ष रूप से पहचानकर विशेष कॉइल तथा चिकित्सीय ग्लू पहुंचाया गया, जिससे वैरिक्स को सफलतापूर्वक बंद किया गया।

डॉ. माथुर के अनुसार, इस तकनीक की खासियत यह है कि पहले कॉइल डाली जाती है, जो ग्लू को उपचारित स्थान पर रोकने में सहायता करती है। इससे अपेक्षाकृत कम मात्रा में ग्लू का उपयोग होता है और उपचार की सटीकता बढ़ती है। साथ ही ग्लू के रक्त प्रवाह में अनचाहे फैलाव और प्रक्रिया संबंधी रक्तस्राव के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि पोर्टल हाइपरटेंशन केवल लिवर सिरोसिस से ही नहीं, बल्कि EHPVO जैसे नॉन-सिरोटिक कारणों से भी हो सकता है। समय पर पहचान और उपचार न होने पर खून की उल्टी और काला मल जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। BRTO जैसी तकनीकें भी उपचार में उपयोगी हैं, लेकिन हर मरीज में उनकी संभावना समान नहीं होती। ऐसे मामलों में EUS गाइडेड कॉइल एवं ग्लू थेरेपी एक लक्षित और कम इनवेसिव विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विशेषज्ञों ने सिरोसिस, वायरल हेपेटाइटिस, EHPVO अथवा अन्य कारणों से पोर्टल हाइपरटेंशन से पीड़ित मरीजों को नियमित गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जांच कराने की सलाह दी है। खून की उल्टी, काला मल, बार-बार खून की कमी, पीलिया, पेट में पानी भरना या तिल्ली का बढ़ना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इस अत्याधुनिक उपचार की शुरुआत से उदयपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जटिल गैस्ट्रिक वैरिक्स के लिए महानगरों पर निर्भरता कम करते हुए स्थानीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिलने की राह मजबूत हुई है।