हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत पंडितावाली में वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में नि:शुल्क आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले शिविर में 144 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर के आयोजन से स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की। शिविर का उद्घाटन चक धोरेवाला से पधारे संत प्रभुनन्दन दास महाराज, गांव प्रशासक सरपंच कुलदीप जाखड़ और वरिष्ठ नागरिक कृष्ण जाखड़ ने किया। यह चिकित्सा शिविर ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और सुलभ चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
विशेषज्ञों ने की जांच, रोगानुसार परामर्श
शिविर में डॉ. नवनीत भारद्वाज, डॉ. शिवकुमार स्वामी और डॉ. अवनी गुप्ता ने मरीजों की जांच कर रोगानुसार उपचार एवं परामर्श दिया। आमजन को जीवनशैली में सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। चिकित्सकों ने मरीजों को दवाओं के साथ - साथ खान-पान, योग, प्राणायाम और जीवनशैली में सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। चिकित्सकों ने बताया कि किसी भी बीमारी को केवल दवा से पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए सही खान-पान, परहेज और योग का नियमित पालन बेहद आवश्यक है। मरीजों सहित शिविर में आए प्रत्येक व्यक्ति की शुगर, ब्लड प्रेशर और वजन की जांच भी निःशुल्क की गई।
कई जटिल रोगों का किया उपचार
शिविर में किडनी, लीवर, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, शुगर, थायराइड, मोटापा, जोड़ों का दर्द, रीढ़ की समस्याएं, स्लिप डिस्क, बवासीर, कमर दर्द, चर्म रोग, गैस, कब्ज, गठिया, मोटापा, लीवर संबंधी समस्याओं, लिकोरिया, फैटी लीवर और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित अनेक रोगों का आयुर्वेदिक व नेचुरोपैथी पद्धति से उपचार व मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने संतुलित आहार, आवश्यक परहेज और प्राकृतिक जीवनशैली पर जोर दिया।
समाजसेवियों ने बताया जनकल्याणकारी पहल
चक धोरेवाला से आए संत प्रभुनन्दन दास महाराज ने उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि ऐसे शिविर समाज के लिए उपयोगी हैं और आयुर्वेद आज के समय में प्रभावी चिकित्सा पद्धति बनकर उभर रहा है। आज के दौर में आयुर्वेद और योग जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलना बहुत ज़रूरी है। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों की ऐसी परंपरा जो हमें हमेशा रोग मुक्त रखती है। उसी के द्वारा गंभीर बीमारियों और उनकी जड़ों से मुक्ति के लिए तथा स्वस्थ रहने के लिए वाग्भट वेलनेस का यह एक प्रयास है। सरपंच कुलदीप जाखड़ ने कहा कि "स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है" और आयुर्वेद शरीर, मन व आत्मा के संतुलन का आधार है। उन्होंने आयुर्वेद को प्राकृतिक तत्वों पर आधारित पद्धति बताया। युवा जाट महासभा के जिला उपाध्यक्ष संदीप जाखड़ ने वाग्भट सेंटर की पहल को सराहनीय बताते हुए इसे परंपरागत चिकित्सा पद्धति के पुनर्जीवन की दिशा में अहम कदम बताया। इसके अलावा साहब राम जाखड़, रामस्वरूप जाखड़, मोहन लाल जाखड़, महावीर नायक, कमली बावरी, करण जाखड़, कपिल मान आदि कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
आयोजन में इनका रहा सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में संयोजक अनिल जान्दू, एचओडी जयवीर सिंह, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव विकास भादू, मलकीत सिंह, अदरीस खान, फार्मासिस्ट राजकुमार, थैरेपिस्ट निखिल सहित आयुष विभाग के विद्यार्थी रविकुमार, सपना, पिंकी, खुशबु, करिना, वसुन्धरा समेत पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
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पंडितावाली में नि:शुल्क आयुर्वेद नेचुरोपैथी शिविर : 144 से ज्यादा मरीजों ने उठाया लाभ, चिकित्सकों ने दी जीवनशैली सुधार की सलाह
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