फिलिप्स अज़्यूरियन 5 सी 12 (3.0) तकनीक से सुसज्जित नई सुविधा से दक्षिणी राजस्थान को मिली विश्वस्तरीय, सुरक्षित और किफायती हृदय चिकित्सा सेवाओं की नई पहचान
उदयपुर। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने अपनी कार्डियक सेवाओं का विस्तार करते हुए अत्याधुनिक फिलिप्स अज़्यूरियन 5 सी 12 (3.0) तकनीक से सुसज्जित एडवांस्ड कैथ लैब की शुरुआत की है। यह नई सुविधा दक्षिणी राजस्थान के मरीजों को अधिक सुरक्षित, सटीक, किफायती और विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दक्षिणी राजस्थान में तेजी से बढ़ रही कार्डियक सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए स्थापित यह सुविधा मरीजों को महानगरों जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही प्रदान करेगी।
दक्षिणी राजस्थान की सबसे बड़ी कार्डियक टीम के साथ सशक्त हुआ विभाग
गीतांजली हॉस्पिटल का हृदय रोग विभाग वर्तमान में दक्षिणी राजस्थान की सबसे बड़ी और अनुभवी हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम के साथ कार्यरत है। वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पटेल के नेतृत्व में यह विभाग प्रतिवर्ष हजारों मरीजों को उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। बढ़ती मरीज संख्या और जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत को देखते हुए अस्पताल ने अपने कैथ लैब इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ किया है।
फिलिप्स अज़्यूरियन 5 सी 12 (3.0) की प्रमुख खूबियां
टेबलसाइड कंट्रोल टेक्नोलॉजी: चिकित्सक प्रक्रिया के दौरान टेबल के पास से ही पूरे सिस्टम का संचालन कर सकते हैं।
यूनिफाइड वर्कफ्लो: सभी आवश्यक एप्लिकेशन और डेटा का एकीकृत प्रबंधन, जिससे प्रक्रियाएं अधिक तेज, सरल और व्यवस्थित होती हैं।
सीमलेस हाई-प्रिसिजन इमेजिंग: जटिल हृदय संबंधी प्रक्रियाओं में अधिक स्पष्ट और सटीक इमेजिंग उपलब्ध कराती है।
एन्हांस्ड पेशेंट सेफ्टी: कम विकिरण आधारित तकनीक मरीजों और चिकित्सकों दोनों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करती है।
मरीजों को मिलेंगे कई बड़े फायदे
इस अत्याधुनिक तकनीक की मदद से जटिल हृदय रोगों की अधिक सटीक जांच और उपचार संभव होगा। कम समय में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे तथा उपचार प्रक्रियाएं और अधिक सुरक्षित बनेंगी। मरीजों को जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और यात्रा व्यय दोनों की बचत होगी।
इसके साथ ही चिकित्सकों को रोग की सटीक पहचान कर प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप सर्वोत्तम उपचार योजना तैयार करने में भी सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल, सीईओ श्री ऋषि कपूर, वाइस प्रेसिडेंट संदीप कुनावत, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह, हृदय रोग विभाग के एच.ओ.डी डॉ. रमेश पटेल, डॉ. दिलीप जैन, डॉ. रोहिन सैनी, कार्डियक सर्जरी विभाग से डॉ. संजय गांधी (हार्ट सर्जरी विभाग के एच.ओ.डी.), सीए रोशन जैन, डॉ. राजीव पंड्या, कैथ लैब इंचार्ज लोकेश कुमार, जितेंद्र सिंह चौहान, पंकज शर्मा सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
विश्वस्तरीय तकनीक को आमजन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : अंकित अग्रवाल
गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल ने कहा कि गीतांजली हमेशा से नवीनतम चिकित्सा तकनीकों को क्षेत्र के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।
उन्होंने कहा, "हृदय रोग विभाग की बढ़ती जिम्मेदारियों और मरीजों की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए यह एडवांस्ड कैथ लैब भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हमारा उद्देश्य केवल तकनीक स्थापित करना नहीं, बल्कि उसे अधिक से अधिक लोगों तक सुलभ बनाना है।"
उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास रहेगा कि अत्याधुनिक तकनीक का अतिरिक्त आर्थिक भार मरीजों पर न पड़े और उपचार विश्वस्तरीय होने के साथ-साथ किफायती भी बना रहे।
उन्होंने इस उपलब्धि पर पूरी कार्डियक टीम को बधाई देते हुए उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना की।
गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक हृदय चिकित्सा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. रमेश पटेल
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पटेल ने कहा, "फिलिप्स अज़्यूरियन 5 सी 12 (3.0) जैसी अत्याधुनिक तकनीक हमें जटिल हृदय संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक सटीकता, दक्षता और सुरक्षा के साथ करने में सक्षम बनाएगी।"
उन्होंने बताया कि गीतांजली की विशेषज्ञ टीम का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि दक्षिणी राजस्थान के लोगों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकें।