GMCH STORIES

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में स्वास्थ्य जांच सेवाओं के नए युग का शुभारंभ

( Read 1707 Times)

13 Jun 26
Share |
Print This Page
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज की एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में स्वास्थ्य जांच सेवाओं के नए युग का शुभारंभ


उदयपुर। स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ते हुए गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में शुक्रवार को अत्याधुनिक कोबास प्रो नियो आईएसई डायग्नोस्टिक ऑटो एनालाइजर का इंस्टालेशन एवं उद्घाटन किया गया। इस हाई-एंड तकनीक आधारित मशीन का लोकार्पण गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने किया।





इस अवसर पर हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. हरप्रीत सिंह, गीतांजलि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद यादव, डीन डॉ. संगीता गुप्ता , अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ मनजिंदर कौर, वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य एवं मेडिकल स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।

लैब डायरेक्ट डॉक्टर आशीष शर्मा ने बताया कोबास प्रो नियो आईएसई डायग्नोस्टिक तकनीक से लैस अत्याधुनिक ऑटो एनालाइजर है, जो बड़ी संख्या में सैंपलों की जांच को तेज, सटीक और अधिक विश्वसनीय बनाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह एक बार में 200 से अधिक विभिन्न प्रकार के टेस्ट की प्रोसेसिंग कर कम समय में रिपोर्ट उपलब्ध कराने में सक्षम है। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा।

मशीन की मुख्य विशेषता है कि सही,सटीक और त्वरित रिपोर्ट्स विभिन्न रोगों के निदान को और अधिक भरोसेमंद बनाएगी। इससे चिकित्सकों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में बेहतर सहायता मिलेगी तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।

गीतांजलि प्रबंधन के अनुसार, यह तकनीक राजस्थान में पहली बार किसी चिकित्सा संस्थान में स्थापित की गई है, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह मशीन जांच सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता को नए आयाम प्रदान करेगी।

यह मशीन मेडिकल शिक्षा एवं रिसर्च के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाएगी। पीजी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अत्याधुनिक लैब तकनीकों के साथ कार्य करने, नवीनतम डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं को समझने तथा शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी अकादमिक उत्कृष्टता, शोध क्षमता और व्यावहारिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

गीतांजलि प्रबंधन ने इसे मरीजों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मेडिकल एजुकेशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

--


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like