सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक ने 25 जुलाई 2026 को जयपुर सैन्य स्टेशन में ‘भारतीय उपमहाद्वीप में प्रतिरोध के नए प्रतिमान के रूप में उभरती तकनीकों की भूमिका ‘ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में सशस्त्र बलों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी, शिक्षा एवं सामरिक क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
सेमिनार में प्रख्यात सैन्य विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू (सेवानिवृत्त) एवं मेजर जनरल रवि मुरुगन (सेवानिवृत्त) ने सहभागिता की। उन्होंने तीव्र गति से बदलते तकनीकी परिदृश्य तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसके व्यापक प्रभावों पर अपने विचार साझा किए। अपने व्यापक ऑपरेशनल अनुभव एवं दूरदर्शी रणनीतिक दृष्टिकोण के आधार पर वक्ताओं ने भविष्य के युद्धों के स्वरूप को परिभाषित करने , प्रतिरोध क्षमता को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने में उभरती प्रौद्योगिकियों की निर्णायक भूमिका पर विशेष बल दिया।
सेमिनार के दौरान बदलती तकनीकों में युद्धों का स्वरूप, रणनीतिक परिणामों तथा बहु-क्षेत्रीय प्रतिरोध क्षमता पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर क्षमताओं, सूचना युद्ध तथा अन्य उभरती तकनीकों से मिलने वाले अवसरों और चुनौतियों का विश्लेषण किया। साथ ही, उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप निरंतर नवाचार और नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
सेमिनार का समापन एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें सेवारत अधिकारी, पूर्व सैनिक, शिक्षा विशेषज्ञ तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने उभरती प्रौद्योगिकियों के रणनीतिक प्रभावों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर वक्ताओं के साथ सार्थक संवाद और विचार-विमर्श किया।
सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने इस महत्वपूर्ण रणनीतिक विषय पर अपने स्पष्ट विचार, गहन विश्लेषण और बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत करने के लिए प्रख्यात सैन्य विशेषज्ञ की सराहना की। उन्होंने उभरती रक्षा एवं सुरक्षा चुनौतियों पर रणनीतिक संवाद को बढ़ावा देने तथा नागरिक-सैन्य सहयोग को सुदृढ़ बनाने में ज्ञान शक्ति थिंक टैंक की भूमिका की भी प्रशंसा की।